बढ़ती बिजली की कीमतों और ऊर्जा बचाने की जरूरत के बीच सोलर पैनल आज लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। सूरज की रोशनी से बिजली तैयार करने वाला यह सिस्टम घरों और ऑफिस में बिजली की जरूरत को काफी हद तक पूरा करने में मदद करता है। बाजार में अलग-अलग क्षमता वाले कई प्रकार के सोलर सिस्टम उपलब्ध हैं, जिन्हें लोग अपनी जरूरत और बजट के अनुसार लगवाते हैं, लेकिन एक सवाल अक्सर लोगों के मन में रहता है कि आखिर सोलर सिस्टम की बैटरी पूरी तरह चार्ज होने के बाद कितनी देर तक घर में बिजली की सप्लाई दे सकती है। इसका जवाब कई बातों पर निर्भर करता है।
बैटरी क्षमता के हिसाब से तय होता है बैकअप
मान लीजिए किसी घर में 5 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगा है और उसके साथ 10 किलोवाट-घंटे (kWh) की बैटरी जुड़ी हुई है। अगर घर में बिजली की खपत करीब 1 किलोवाट प्रति घंटे की है, तो यह बैटरी लगभग 10 घंटे तक बिजली उपलब्ध करा सकती है। वहीं, अगर घर में एक साथ ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरण चलाए जाएं तो बैकअप का समय कम हो जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर एसी, गीजर, वॉशिंग मशीन और अन्य भारी उपकरण एक साथ चल रहे हैं और बिजली की खपत बढ़कर करीब 2 किलोवाट हो जाती है, तो वही बैटरी लगभग 5 घंटे तक ही चल पाएगी।
सोलर पैनल के साथ बैटरी क्यों जरूरी है?
सोलर पैनल सूरज की रोशनी को बिजली में बदलने का काम करता है, लेकिन यह बिजली हमेशा सीधे इस्तेमाल नहीं होती। दिन के समय बनी अतिरिक्त बिजली को बैटरी में जमा किया जाता है ताकि रात में या बादल वाले मौसम में भी घर की जरूरतें पूरी की जा सकें। इसलिए किसी भी सोलर सिस्टम का बैकअप केवल पैनल की क्षमता से तय नहीं होता, बल्कि बैटरी की क्षमता और घर की बिजली खपत भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है।
क्या सोलर बैटरी पूरी रात बिजली दे सकती है?
अगर बैटरी की क्षमता अच्छी है और घर में बिजली का इस्तेमाल सीमित रखा जाए, तो आधुनिक सोलर सिस्टम रातभर जरूरी उपकरणों को चलाने में सक्षम हो सकते हैं। हालांकि, लगातार ज्यादा लोड वाले उपकरण चलाने पर बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है और पूरी रात बिजली मिलना मुश्किल हो सकता है।
किन चीजों से प्रभावित होता है बैटरी बैकअप?
सोलर सिस्टम कितनी देर तक बिजली देगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि घर में कौन-कौन से उपकरण चल रहे हैं। अगर बिजली का इस्तेमाल केवल एलईडी लाइट, पंखे, टीवी, इंटरनेट राउटर और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए किया जा रहा है, तो बैटरी लंबे समय तक चल सकती है, लेकिन एसी, इलेक्ट्रिक गीजर, इंडक्शन चूल्हा, बड़े पानी के पंप जैसे ज्यादा ऊर्जा लेने वाले उपकरण लगातार चलाने पर बैटरी का बैकअप काफी तेजी से कम हो जाता है।
Written By Toshi Shah