मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 1,100 रुपये टूटकर 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले शुक्रवार को यह 1,59,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 5,000 रुपये लुढ़ककर 2,55,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण बढ़ी तेल की कीमतें
विशेषज्ञों के अनुसार, वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। आमतौर पर ऐसे हालात में सोने को सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) माना जाता है और इसकी मांग बढ़ती है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है। कच्चे तेल की महंगी होती कीमतों ने महंगाई बढ़ने की आशंका को जन्म दिया है, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं कमजोर पड़ गई हैं। इसी वजह से निवेशकों ने सोने और चांदी में मुनाफावसूली शुरू कर दी।
मीडिल ईस्ट में तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में बढ़ी अनिश्चितता
इसी के साथ इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। हालांकि यह तनाव सोने के लिए सहारा बन सकता था, लेकिन बढ़ती महंगाई और ऊंची ब्याज दरों की आशंकाओं ने निवेशकों की धारणा बदल दी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरी सोने और चांदी की किमत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी गई। स्पॉट गोल्ड करीब 1 प्रतिशत गिरकर 4,291.79 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.34 प्रतिशत टूटकर 66.93 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वहीं ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें एक समय 5 प्रतिशत तक उछलकर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं।
निवेशकों की नजर अब अमेरिका के CPI आंकड़ों पर
अब निवेशकों की नजर अमेरिका के मई महीने के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आंकड़ों पर टिकी है। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से अधिक आते हैं तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे डॉलर मजबूत हो सकता है और सोने-चांदी पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
Written By: Geeta Sharma