Health News: आजकल लोग फीट रहने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने लगे हैं। जैसे की जंक फूड से दूरी और और नियमित रूप से एक्सरसाइज करना। लेकिन क्या हो अगर हेल्दी डाइट के बाद भी अपका वजन बढ़ने लगे? तो मन में सवाल उठता है कि आखिर मेहनत के बावजूद शरीर साथ क्यों नहीं दे रहा। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार इसका कारण सिर्फ कैलोरी या एक्सरसाइज की कमी नहीं, बल्कि शरीर की जटिल मेटाबॉलिक प्रक्रिया भी हो सकती है।
हेल्दी डाइट से क्यों बढ़ता है वजन
दरअसल, जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक कम कैलोरी वाली डाइट लेता है, तो शरीर खुद को उस स्थिति के अनुसार ढाल लेता है। इस प्रक्रिया को मेटाबॉलिक अडैप्टेशन कहा जाता है। इसमें शरीर ऊर्जा बचाने लगता है और पहले की तुलना में कम कैलोरी बर्न करता है। नतीजतन, वही डाइट जो पहले वजन घटाने में मदद करती थी, अब वजन को स्थिर रखने या बढ़ाने लगती है।
वजन बढ़ने का प्रमुख कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस
इसके अलावा, इंसुलिन रेजिस्टेंस भी वजन बढ़ने का एक प्रमुख कारण है। इंसुलिन केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित नहीं करता, बल्कि शरीर में फैट स्टोरेज को भी प्रभावित करता है। जब शरीर इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाता है, तो इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे शरीर फैट जलाने के बजाय उसे जमा करने लगता है।
वजन क्यों बढ़ता है
हार्मोनल असंतुलन भी इस समस्या को बढ़ा सकता है। लेप्टिन हार्मोन, जो भूख को नियंत्रित करता है, अगर सही तरीके से काम नहीं करता, तो व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खा सकता है। इसके अलावा हाइपोथायरायडिज्म, पीसीओएस और कशिंग सिंड्रोम जैसी स्थितियां मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती हैं, जिससे वजन बढ़ना आसान हो जाता है।
जरूरत से ज्यादा हेल्दी फूड का सेवन सही नहीं
कई बार लोग यह भूल जाते हैं कि हेल्दी फूड भी सीमित मात्रा में ही फायदेमंद होता है। ड्राई फ्रूट्स, फल, साबुत अनाज और स्मूदी पौष्टिक जरूर होते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी भी अधिक होती है। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर शरीर अतिरिक्त ऊर्जा को फैट के रूप में स्टोर कर लेता है।
Writen By: Geeta Sharma