उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पार्टी कांशीराम की जयंती को ‘सामाजिक परिवर्तन दिवस’ के रूप में मनाएगी। आपको बता दें की इस अवसर पर शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और हालात ऐसे हो गए हैं कि दलित खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अजय राय ने भदोही में जसलाल सरोज को जिंदा जलाने की कोशिश की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस दलितों के सम्मान और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का ऐलान

पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा ने करोड़ों रुपये खर्च कर राहुल गांधी की छवि खराब करने की कोशिश की, लेकिन उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे सही साबित हो रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी और उत्तर प्रदेश में खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करेगी। नेताओं के मुताबिक गांव-गांव में संविधान और अधिकारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उनका आरोप है कि कांग्रेस कमजोर होने के बाद ठेकेदारी प्रथा बढ़ी है, स्कूल बंद हो रहे हैं और शिक्षा भी महंगी होती जा रही है, इसलिए देश और प्रदेश में कांग्रेस की जरूरत है।

सामाजिक न्याय और जाति जनगणना को लेकर राहुल गांधी के समर्थन में बोले कांग्रेस नेता

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि महान व्यक्तित्व किसी एक जाति या धर्म तक सीमित नहीं होते। उन्होंने कहा कि वे मायावती का भी सम्मान करते हैं, लेकिन कांशीराम की जयंती पर किसी एक पार्टी या नेता का अधिकार नहीं हो सकता। उनका कहना था कि उनकी पार्टी कांशीराम की विचारधारा पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों के दबाव या मुकदमों से डरे बिना सामाजिक बदलाव की लड़ाई लड़ रहे हैं और उनके विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।

गौतम ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय छात्रवृत्ति की मदद से गरीब बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ते थे और इंजीनियर व डॉक्टर बनते थे, लेकिन मौजूदा सरकार में ऐसी व्यवस्थाएं खत्म हो गई हैं। वहीं अनिल जयहिंदने कहा कि राहुल गांधी सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं ताकि हर वर्ग को उसका अधिकार मिल सके। उनका कहना था कि ज्यादातर राजनीतिक दल इस मुद्दे पर बोलने से बचते हैं, जबकि राहुल गांधी अकेले इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं।

Written By - Namita Verma