वैज्ञानिकों ने 11,000 प्रकाश वर्ष दूर एक दुर्लभ घटना रिकॉर्ड की, जिसमें दो ग्रह आपस में टकराए। आपको बता दें कि यह घटना Gaia20ehk तारे के पास पुप्पिस तारामंडल में हुई और इससे पृथ्वी और चंद्रमा के बनने की प्रक्रिया की झलक मिलती है। वाशिंगटन विश्वविद्यालय के डॉक्टरेट छात्र अनास्तासियोस त्ज़ानिडाकिस के अनुसार, पहले भी ग्रहों की टक्कर देखी गई हैं, लेकिन यह घटना विशेष है क्योंकि इसमें पृथ्वी-चंद्रमा निर्माण जैसी परिस्थितियाँ नजर आती हैं। यह अध्ययन 11 मार्च को ‘Astrophysical Journal Letters’ में प्रकाशित हुआ।
कैसे हुई थी यह टक्कर?
वैज्ञानिकों के अनुसार, शुरुआती सौरमंडल स्थिर नहीं था और कई बड़े पिंड अंतरिक्ष में भटक रहे थे। उस समय थीया नाम का एक प्रोटोप्लैनेट धरती की कक्षा में आ गया। गुरुत्वाकर्षण के कारण यह धीरे-धीरे धरती की ओर खिंचा और तिरछे कोण से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों पिंडों के बाहरी हिस्से चकनाचूर हो गए। बता दें कि इस टक्कर के बाद मलबा अंतरिक्ष में फैल गया और धरती के चारों तरफ रिंग जैसी संरचना बन गई। यह मलबा धीरे-धीरे जुड़कर कुछ हज़ार सालों में ठोस पिंड बन गया, जो आगे चलकर चंद्रमा बना। शुरुआत में चंद्रमा पूरी तरह पिघला हुआ था।
टक्कर ने धरती को भी बदल दिया। धरती की धुरी लगभग 23.5° झुक गई, जिससे आज हमारे यहाँ गर्मी, सर्दी और बारिश जैसी ऋतुएँ होती हैं। टक्कर से पहले पृथ्वी बहुत तेजी से घूमती थी, और एक दिन केवल 6–8 घंटे का होता था। चंद्रमा के प्रभाव से धीरे-धीरे दिन 24 घंटे का हो गया।
इन्फ्रारेड ने उजागर किया ग्रह टकराव का रहस्य
वैज्ञानिकों ने देखा कि तारे Gaia20ehk की रोशनी के आगे बार-बार कुछ गुजर रहा था, जिससे रोशनी कम हो रही थी। इन्फ्रारेड डेटा ने रहस्य सुलझाया जब रोशनी कम हुई, तो इन्फ्रारेड चमक बढ़ गई, जो दिखाता है कि वहां मौजूद मलबा बेहद गर्म था। यह किसी ग्रह के नष्ट होने या बड़े टकराव की निशानी है।
Written By - Namita Verma