Aamir Khan Birthday Special : बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान 14 मार्च को अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। आपको बता दें की फिल्म इंडस्ट्री में उनका सफर करीब 38 साल के साथ ही 22 सफल फिल्में दीं। बॉलीवुड के सुपरस्टार आमिर खान अपनी हर फिल्म के लिए कड़ी मेहनत और परफेक्शन के लिए जाने जाते हैं और अपने किरदारों में जान डालने की इसी खासियत की वजह से उन्हें बॉलीवुड में 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' कहा जाता है। कभी किसान, कभी एलियन तो कभी सख्त पिता, आमिर ने हर किरदार को इतनी सच्चाई से निभाया कि वह यादगार बन गया।
फिल्मी परिवार से मिली प्रेरणा, बचपन से ही एक्टिंग की ओर झुकाव
आपको बता दें की फिल्मी माहौल में पले-बढ़े आमिर खान को बचपन से ही सिनेमा में दिलचस्पी थी। उनके पिता ताहिर हुसैन और चाचा नासिर हुसैन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध निर्माता रहे हैं। इसी वजह से आमिर का रुझान भी छोटी उम्र से फिल्मों की तरफ हो गया और उन्होंने अभिनेता बनने का सपना देखना शुरू कर दिया।
आमिर ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत 1973 में बतौर बाल कलाकार फिल्म 'यादों की बारात' से की, जिसे उनके चाचा ने बनाया था। इसके बाद वे 1974 में रिलीज हुई फिल्म 'मदहोश' में भी बाल कलाकार के रूप में नजर आए। हालांकि इसके बाद करीब 11 साल तक वे फिल्म इंडस्ट्री से दूर रहे। लंबे अंतराल के बाद 1984 में उन्होंने फिल्म Holi से बतौर मुख्य अभिनेता वापसी की, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास सफलता हासिल नहीं कर सकी। इसके बाद आमिर को मुंबई में लगभग चार साल तक संघर्ष करना पड़ा।
इन 5 फिल्मों से मिली ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ की पहचान
लगान (2001)
इस फिल्म में आमिर खान ने भुवन नाम के किसान का किरदार निभाया। कहानी ब्रिटिश दौर की है, जहां गांव वाले अंग्रेजों के लगान से बचने के लिए क्रिकेट मैच खेलते हैं। आमिर इस फिल्म के निर्माता भी थे और इसे ऑस्कर के लिए भारत की ओर से भेजा गया था।

दिल चाहता है (2001)
इस फिल्म में आमिर ने आकाश का रोल निभाया। यह फिल्म दोस्ती और मॉडर्न रिश्तों को दिखाने के लिए जानी जाती है और युवाओं के बीच काफी पॉपुलर हुई।

रंग दे बसंती (2006)
इस फिल्म में आमिर खान ने डी.जे. नाम के बेफिक्र और मस्तीभरे युवक का रोल निभाया। कहानी में वह धीरे-धीरे देश के लिए लड़ने का फैसला करता है। फिल्म ने युवाओं के बीच देशभक्ति की नई भावना जगाई। बता दें की इस फिल्म में आमिर का डी.जे. का किरदार आज भी बेहद लोकप्रिय है।

तारे जमीन पर (2007)
इस फिल्म में आमिर ने राम शंकर निकुंभ नाम के शिक्षक का रोल निभाया। फिल्म एक बच्चे की कहानी बताती है जिसे पढ़ाई में मुश्किल होती है, लेकिन टीचर उसके टैलेंट को पहचानकर मदद करता है। आमिर ने इसे डायरेक्ट भी किया और फिल्म ने समाज को एक मजबूत संदेश दिया।

दंगल (2016)
‘दंगल’ में आमिर ने पहलवान महावीर सिंह फोगाट का रोल निभाया। इस रोल के लिए उन्होंने पहले काफी वजन बढ़ाया और फिर कम किया। फिल्म में उन्होंने एक ऐसे पिता का किरदार निभाया जो अपनी बेटियों को वर्ल्ड चैंपियन बनाना चाहता है। यह फिल्म दुनिया भर में जबरदस्त हिट साबित हुई।

‘कयामत से कयामत तक’ से मिली बड़ी पहचान
आमिर खान ने साल 1988 में फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ के जरिए बॉलीवुड में बतौर लीड एक्टर कदम रखा। अपनी पहली ही फिल्म से उन्होंने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। धीरे-धीरे आमिर ने खुद को ऐसे अभिनेता के रूप में स्थापित किया, जो सिर्फ मनोरंजन ही नहीं बल्कि मजबूत कहानी और सार्थक सिनेमा को भी महत्व देते हैं। यही वजह है कि करीब 38 साल बाद भी आमिर खान का नाम बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद और सम्मानित कलाकारों में शुमार किया जाता है।
Written By - Namita Verma