देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और बड़ी संख्या में लोग अब EV को अपनाने लगे हैं। इसके साथ ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी तेजी से बढ़ी है। लंबे सफर के दौरान बैटरी खत्म होने की चिंता अब जल्द ही कम हो सकती है, क्योंकि दिल्ली नगर निगम (MCD) राजधानी में बड़े पैमाने पर ईवी चार्जिंग हब विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है।
एक ही जगह मिलेंगे दर्जनों चार्जिंग पॉइंट
MCD शहर के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों, व्यावसायिक केंद्रों और बड़े बाजारों के आसपास स्थित अपनी पार्किंग स्थलों को आधुनिक EV चार्जिंग हब में बदलने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान में अधिकांश चार्जिंग स्टेशनों पर सीमित संख्या में चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होते हैं, जिससे वाहन चालकों को इंतजार करना पड़ता है। नई योजना के तहत प्रत्येक हब में 25 से अधिक चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जा सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों को एक साथ चार्ज करने की सुविधा मिलेगी। जानकारी के अनुसार, इस परियोजना को लेकर करीब 10 सरकारी कंपनियों से बातचीत चल रही है और कुछ कंपनियों ने 27 से 30 चार्जिंग पॉइंट वाले बड़े हब विकसित करने में रुचि दिखाई है।
बैटरी स्वैपिंग से बचेगा समय
दिल्ली में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की संख्या सबसे ज्यादा है। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए हब में बैटरी स्वैपिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था के तहत वाहन चालक अपनी खाली बैटरी जमा करके तुरंत पूरी तरह चार्ज बैटरी प्राप्त कर सकेंगे। इससे चार्जिंग के लिए लंबे समय तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी और यात्रा बिना रुकावट जारी रखी जा सकेगी। इसके अलावा, यहां फास्ट और स्लो दोनों प्रकार के चार्जर लगाए जाएंगे ताकि उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार विकल्प चुन सकें।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी रहेगा विशेष ध्यान
MCD इन चार्जिंग हब को केवल सामान्य चार्जिंग स्टेशन के रूप में नहीं बल्कि आधुनिक और एकीकृत EV सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करना चाहता है। चूंकि इन केंद्रों पर महंगे उपकरण और तकनीकी संसाधन लगाए जाएंगे, इसलिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए जाएंगे। योजना के अनुसार, चार्जिंग हब के आसपास सुरक्षा घेराबंदी, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे चोरी या किसी प्रकार की तोड़फोड़ की घटनाओं को रोका जा सके।
बदल सकती है दिल्ली की EV तस्वीर
वर्तमान में दिल्ली में लगभग 470 चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन संचालित हो रहे हैं। हालांकि, MCD की यह नई पहल जमीन पर उतरने के बाद राजधानी के EV इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दे सकती है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।
Written By Toshi Shah