Anant Singh: बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है, जहां मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत मिली है। चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है। जानकारी के मुताबिक, वह गुरुवार शाम या अगले दिन तक पटना के बेउर जेल से रिहा हो सकते हैं। इस फैसले के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पिछले साल नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान का है। चुनाव प्रचार के बीच मोकामा के टाल क्षेत्र में दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दुलारचंद यादव प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी से जुड़े थे और पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था और तभी से वे जेल में बंद थे।
जेल में रहते हुए अनंत सिंह ने चुनाव लड़ा
दिलचस्प बात यह है कि जेल में रहते हुए ही अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार के रूप में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी वीणा सिंह को 28 हजार से अधिक वोटों से हराया। अनंत सिंह को 91,416 वोट मिले, जबकि वीणा सिंह को 63,210 वोट प्राप्त हुए। यह जीत उनके मजबूत जनाधार को दर्शाती है।
राजनीति संन्यास पर क्या बोलें अनंत सिंह
हाल ही में राज्यसभा चुनाव के दौरान अनंत सिंह एम्बुलेंस के जरिए विधानसभा पहुंचे थे, जहां उन्होंने मतदान किया। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने संकेत दिया कि यदि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहते हैं तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह राजनीति से पूरी तरह संन्यास नहीं ले रहे हैं।
अनंत सिंह ने ऐसा क्यों कहा?
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि भविष्य में उनके बेटे चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं, जबकि वह खुद जनता के लिए काम करते रहेंगे। फिलहाल उनकी रिहाई के बाद मोकामा और बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।
Writen By: Geeta Sharma