नई दिल्ली: आजकल बेहतर नींद, कम थकान और मांसपेशियों की सेहत के लिए लोग कई तरह के सप्लीमेंट्स का सहारा ले रहे हैं। इनमें मैग्नीशियम भी तेजी से लोकप्रिय हुआ है। सोशल मीडिया और वेलनेस कंटेंट में इसे नींद, तनाव और एनर्जी से जोड़कर बताया जाता है। कई लोग बिना जांच या डॉक्टर की सलाह के भी मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या हर व्यक्ति को इसकी जरूरत होती है?
मैग्नीशियम शरीर के लिए जरूरी खनिजों में शामिल है। यह मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के साथ-साथ शरीर की कई जैविक प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है. शरीर इसे खुद नहीं बनाता, इसलिए इसकी जरूरत भोजन के जरिए पूरी करनी होती है।
Magnesium शरीर में क्या करता है?
मैग्नीशियम शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल रहता है। यह मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम के सामान्य कामकाज में मदद करता है। इसके अलावा यह ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया और शरीर में कई एंजाइम से जुड़ी गतिविधियों में भी भूमिका निभाता है।
इसी वजह से मैग्नीशियम की कमी होने पर कुछ लोगों में कमजोरी, थकान या मांसपेशियों से जुड़ी परेशानियां दिखाई दे सकती हैं। हालांकि, केवल इन लक्षणों के आधार पर यह मान लेना सही नहीं है कि शरीर में मैग्नीशियम की कमी ही है।
क्या Magnesium लेने से नींद बेहतर होती है?
मैग्नीशियम को अक्सर नींद के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोगों को इससे फायदा महसूस हो सकता है, लेकिन इसे नींद की समस्या का सार्वभौमिक इलाज नहीं माना जा सकता। नींद खराब होने के पीछे तनाव, अनियमित दिनचर्या, देर रात तक स्क्रीन देखना, कैफीन का ज्यादा सेवन या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं।
इसलिए केवल नींद ठीक करने के लिए अपने मन से सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय समस्या की वजह पर ध्यान देना जरूरी है।
किन लोगों को हो सकती है जरूरत?
अगर किसी व्यक्ति के शरीर में मैग्नीशियम की कमी है या डॉक्टर ने इसकी जरूरत बताई है, तो सप्लीमेंट दिया जा सकता है। कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों, खानपान की कमी या कुछ दवाओं के इस्तेमाल की स्थिति में भी डॉक्टर मैग्नीशियम की सलाह दे सकते हैं।
लेकिन स्वस्थ व्यक्ति के लिए पहला विकल्प सामान्य तौर पर संतुलित आहार होना चाहिए। जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट की मात्रा और उसका प्रकार विशेषज्ञ तय कर सकते हैं।
खाने से भी मिल सकता है Magnesium
मैग्नीशियम सिर्फ सप्लीमेंट से ही नहीं मिलता। कई सामान्य खाद्य पदार्थ इसके अच्छे स्रोत हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, बीज, बादाम और दूसरे नट्स, साबुत अनाज तथा कुछ अन्य खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करके मैग्नीशियम की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। इसलिए रोजमर्रा की डाइट संतुलित रखना शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने का आसान तरीका है।
बिना सलाह के सप्लीमेंट लेना क्यों ठीक नहीं?
मैग्नीशियम भी एक पोषक तत्व है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे जरूरत से ज्यादा लेना सुरक्षित ही होगा। सप्लीमेंट की जरूरत व्यक्ति की डाइट, स्वास्थ्य और दूसरी दवाओं जैसी चीजों पर निर्भर कर सकती है।
कुछ लोगों को ज्यादा मात्रा में मैग्नीशियम लेने पर दस्त, पेट में ऐंठन या पेट से जुड़ी दूसरी परेशानी हो सकती है। खासकर अगर कोई व्यक्ति पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहा है, तो सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
Magnesium लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपको लगातार थकान, नींद की समस्या या मांसपेशियों में परेशानी रहती है तो केवल मैग्नीशियम को इसका कारण मानकर सप्लीमेंट लेना शुरू न करें। इन लक्षणों के पीछे कई दूसरी वजहें भी हो सकती हैं।
संतुलित डाइट, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और सही दिनचर्या को प्राथमिकता देना जरूरी है। अगर किसी पोषक तत्व की कमी का संदेह हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जांच कराई जा सकती है।
मैग्नीशियम शरीर के लिए जरूरी खनिज है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए इसका सप्लीमेंट लेना जरूरी नहीं है। रोज के भोजन से पर्याप्त पोषण लेना प्राथमिकता होनी चाहिए और सप्लीमेंट की जरूरत होने पर उसकी मात्रा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार तय करना बेहतर है।
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