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क्या फ्रूट जूस वाकई बढ़ाता है ब्लड शुगर? जानिए सेहत से जुड़े इस सवाल की पूरी सच्चाई
क्या फ्रूट जूस पीने से ब्लड शुगर बढ़ता है? जानिए साबुत फल और जूस के बीच का अंतर और एक्सपर्ट्स की राय। डायबिटीज मरीजों के लिए जरूरी जानकारी।
अच्छी सेहत के लिए हम अक्सर फलों के जूस को एक बेहतरीन विकल्प मानते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि क्या फ्रूट जूस पीने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है? बहुत से लोग यह मानते हैं कि जूस पूरी तरह सुरक्षित है, जबकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। असलियत इन दोनों दावों के बीच कहीं छिपी हुई है। यह समझना जरूरी है कि जूस पीना हमेशा नुकसानदायक नहीं होता, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कैसे और कितनी मात्रा में पी रहे हैं।
कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?
फ्रूट जूस में कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो सेहत के लिए अच्छे हैं। हालांकि, ब्लड शुगर के मामले में स्थिति थोड़ी पेचीदा हो जाती है। जूस का 'ग्लाइसेमिक इंडेक्स' मध्यम से थोड़ा ज्यादा होता है, जिसका मतलब है कि यह शरीर में जल्दी पचता है और कुछ समय के लिए शुगर लेवल को ऊपर ले जा सकता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, क्योंकि जब आप जूस पीते हैं, तो कम समय में फल की ज्यादा शुगर आपके शरीर में पहुंचती है।
क्यों फल खाना जूस पीने से बेहतर है?
फ्रूट जूस और साबुत फल में सबसे बड़ा अंतर 'फाइबर' का होता है। जब हम साबुत फल खाते हैं, तो उसमें मौजूद फाइबर शुगर के अवशोषण (Absorption) की प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता। इसके विपरीत, जूस निकालते समय ज्यादातर फाइबर बाहर निकल जाता है और पीछे केवल शुगर वाला लिक्विड बच जाता है। बिना फाइबर के यह शुगर सीधे खून में मिल जाती है, जो डायबिटीज के मरीजों या प्रीडायबिटीज वाले लोगों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
क्या जूस पीने से सच में डायबिटीज होती है?
कई वैज्ञानिक स्टडीज और मेटा-एनालिसिस में यह पाया गया है कि सीमित मात्रा में फ्रूट जूस पीने से सीधे तौर पर डायबिटीज नहीं होती। समस्या जूस में नहीं, बल्कि उसके सेवन के तरीके में है। अगर आप दिन भर में बहुत अधिक मात्रा में जूस पीते हैं, तो यह शरीर के इंसुलिन मैनेजमेंट को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जूस के बजाय फल को प्राथमिकता देना बेहतर है, लेकिन अगर आप जूस पीना चाहते हैं, तो इसकी मात्रा कम रखें और इसे ताजे फलों से ही तैयार करें।
कैसे पिएं जूस ताकि न बढ़े शुगर
अंत में, यह कहना गलत होगा कि फ्रूट जूस जहर है। इसमें मौजूद नेचुरल शुगर (फ्रक्टोज और ग्लूकोज) प्रोसेस्ड ड्रिंक्स से कहीं बेहतर है। सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है कि आप जूस को खाली पेट पीने से बचें और कोशिश करें कि उसमें ऊपर से चीनी न मिलाएं। यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो जूस के बजाय साबुत फल खाएं या जूस में सब्जियों का मिश्रण करें ताकि फाइबर की मात्रा बनी रहे। याद रखें, किसी भी चीज का संतुलित सेवन ही आपको लंबी उम्र और अच्छी सेहत दे सकता है।
Written by: Anushka Sagar
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