लाइफस्टाइल
शरीर में पोषण की कमी के ये संकेत न करें नजरअंदाज...वरना हो सकती है गंभीर बीमारी!
विशेषज्ञों के मुताबिक, पोषण संबंधी कमियों की पहचान के लिए सामान्य रक्त जांच काफी मददगार हो सकती है।
अगर आपको बिना ज्यादा काम किए भी बार-बार थकान महसूस होती है या आपके नाखून कमजोर होकर जल्दी टूट जाते हैं, तो यह शरीर में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी का संकेत हो सकता है। आज की व्यस्त जीवनशैली में असंतुलित खानपान, तनाव और फास्ट फूड पर बढ़ती निर्भरता के कारण कई लोग पोषण से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पोषण की कमी की परेशानी अक्सर अचानक नहीं दिखाई देती, बल्कि धीरे-धीरे इसके संकेत शरीर में नजर आने लगते हैं। यही वजह है कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं।
विशेषज्ञों की राय
डाक्टरों के अनुसार, पोषण की कमी एक आम समस्या बन चुकी है, खासकर शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों में। उनका कहना है कि इसके शुरुआती लक्षण बहुत सामान्य दिखाई देते हैं, इसलिए कई बार लोग इन्हें पहचान नहीं पाते।

शरीर में पोषण की कमी के प्रमुख संकेत
लगातार थकान रहना
अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी शरीर में कमजोरी और सुस्ती बनी रहती है, तो यह किसी पोषक तत्व की कमी की ओर इशारा कर सकता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से काम करने की क्षमता और ऊर्जा स्तर प्रभावित हो सकते हैं।
अधिक बाल झड़ना
मौसम बदलने के दौरान कुछ बाल गिरना सामान्य है, लेकिन अगर लगातार ज्यादा बाल टूट रहे हैं, तो इसके पीछे पोषण की कमी भी एक कारण हो सकती है। बालों को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने पर उनकी मजबूती और बढ़ने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
मुंह में छाले या होंठों का बार-बार फटना
बार-बार मुंह में छाले होना या होंठों का सूखकर फटना केवल मौसम या छोटी परेशानी की वजह से नहीं होता। कई बार यह शरीर में जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी का संकेत भी हो सकता है।
हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन
हाथों और पैरों में बार-बार झुनझुनी महसूस होना या सुन्नपन आना शरीर में कुछ कमियों की ओर संकेत कर सकता है। इसे लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका संबंध नसों के स्वास्थ्य से भी हो सकता है।
त्वचा का फीका पड़ना और कमजोर नाखून
अगर त्वचा का रंग पीला या चेहरा बुझा हुआ नजर आने लगे और नाखून आसानी से टूटने लगें, तो यह भी शरीर में पोषण की कमी का संकेत हो सकता है।
जांच और बचाव का तरीका
विशेषज्ञों के मुताबिक, पोषण संबंधी कमियों की पहचान के लिए सामान्य रक्त जांच काफी मददगार हो सकती है। जांच के आधार पर खानपान में सुधार किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं। शरीर में होने वाले छोटे बदलावों को समय पर समझना जरूरी है। सही पोषण और संतुलित आहार अपनाकर कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।