लाइफस्टाइल
ऑफिस में चुपचाप बाहर किया जा रहा है आपको? ‘क्वाइट फायरिंग’ के इन संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी!
Quiet Firing: छंटनी का नाम सुनते ही कर्मचारी घबरा जाते हैं, इसलिए अब कंपनियां ‘क्वाइट फायरिंग’ का तरीका अपना रही हैं। आइए जानें, इसके संकेतों को आप कैसे पहचान सकते हैं।
Quiet Firing: आजकल ऑफिस कल्चर में ‘क्वाइट फायरिंग’ तेजी से बढ़ता ट्रेंड बन गया है। छंटनी का नाम सुनते ही कर्मचारी असहज हो जाते हैं, इसलिए कई कंपनियां अब सीधे निकालने के बजाय ऐसे तरीके अपनाती हैं, जिससे कर्मचारी खुद ही नौकरी छोड़ने पर मजबूर हो जाएं। कई बार लोगों को इसका एहसास भी नहीं होता, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिनसे आप तुरंत समझ सकते हैं कि कहीं आपके साथ भी ऐसा तो नहीं हो रहा। कॉर्पोरेट जगत में मैनेजमेंट का यह नया तरीका कर्मचारियों पर दबाव बनाकर उन्हें खुद इस्तीफा देने की ओर धकेलता है। ये कहीं आपके साथ तो नहीं हो रहा है इसका पता लगाना बिल्कुल भी कठिन नहीं है. इसकी पहचान आप कुछ संकेतों से समय रहते ही कर सकते हैं. आइए आप भी जान लीजिए.
क्वाइट फायरिंग क्या होती है?
अगर आसान शब्दों में समझें, तो क्वाइट फायरिंग एक ऐसी रणनीति होती है जिसमें किसी कर्मचारी को सीधे नौकरी से नहीं निकाला जाता, बल्कि उसके लिए काम का माहौल ऐसा बना दिया जाता है कि वह खुद ही परेशान होकर इस्तीफा देने पर मजबूर हो जाए।
क्वाइट फायरिंग’ के संकेत
1. प्रमोशन या सैलरी में देरी
अगर आप इसका शिकार हो रहे हैं, तो आपका प्रमोशन या सैलरी बढ़ोतरी लगातार टाली जा सकती है। इस बारे में पूछने पर भी आपको साफ जवाब नहीं मिलता।
2. मीटिंग्स से बाहर रखना
धीरे-धीरे आपको जरूरी मीटिंग्स और फैसलों से दूर किया जाने लगता है। अचानक आपको टीम की गतिविधियों से अलग कर दिया जाता है।
3. बातचीत कम होना
बॉस या मैनेजर आपसे दूरी बनाने लगते हैं और बातचीत धीरे-धीरे कम या बंद हो जाती है, जो एक बड़ा संकेत हो सकता है।
कंपनियां क्यों अपना रही हैं ‘क्वाइट फायरिंग’?
आजकल कई कंपनियां इस तरीके को इसलिए अपनाती हैं क्योंकि सीधे छंटनी करने में कानूनी प्रक्रियाएं और जवाबदेही ज्यादा होती है। इन झंझटों से बचने के लिए कंपनियां ऐसा माहौल बना देती हैं, जिससे कर्मचारी खुद ही नौकरी छोड़ दें और माहौल भी ज्यादा खराब न हो।
Written By - Namita Verma
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।