शिमला: कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली के लिए देशभर से 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने सोमवार को शिमला में यह जानकारी देते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

SIR रोकने और बैलेट पेपर से चुनाव की मांग

अलका लांबा ने SIR प्रक्रिया रोकने, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई करने और उनके फैसले रद्द करने की मांग की। उन्होंने EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की भी वकालत की।

लांबा के मुताबिक, राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेता राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं और दस्तावेजों को उनके सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का भी रुख कर चुकी है।

खरगे के बयान पर BJP को घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर बीजेपी की आलोचना पर लांबा ने पलटवार किया। उन्होंने महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा का मुद्दा उठाते हुए बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

हल्द्वानी की घटना का भी उठाया मुद्दा

लांबा ने हल्द्वानी में खरगे की जनसभा के बाद कथित तौर पर हवन और गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किए जाने का दावा किया। उन्होंने इसे सामाजिक समानता और दलित नेताओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया।

लांबा ने प्रधानमंत्री मोदी पर निजी और भावनात्मक मुद्दों के जरिए राजनीतिक लाभ लेने का आरोप भी लगाया। कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली में कथित ‘वोट चोरी’, SIR और चुनावी पारदर्शिता प्रमुख मुद्दे रहेंगे। हालांकि, चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

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