नई दिल्ली: चुनाव आयोग (ECI) के भीतर कथित मतभेदों की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने आयोग से पूरे मामले पर सार्वजनिक तौर पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक महत्वपूर्ण और स्वायत्त संस्था है, इसलिए उसके भीतर क्या चल रहा है और सामने आ रही खबरों की वास्तविकता क्या है, यह स्पष्ट होना चाहिए।

‘मीडिया में जो दिख रहा, उसकी सच्चाई सामने आए’

कुमारस्वामी ने कहा कि मीडिया में सामने आ रही खबरों और आयोग के भीतर की वास्तविक स्थिति को लेकर तस्वीर साफ होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से पूरे मामले पर सार्वजनिक तौर पर तथ्य स्पष्ट करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि अगर आयोग के सदस्यों के बीच किसी मुद्दे को लेकर कोई मतभेद या समस्या है, तो उसे स्पष्ट किया जाना चाहिए। कुमारस्वामी के मुताबिक, चुनाव आयोग को खुद सामने आकर बताना चाहिए कि वास्तविक स्थिति क्या है।

‘जो कुछ है, उन्हें खुद बताना होगा’

कुमारस्वामी ने कहा कि अगर आयोग के भीतर कुछ हुआ है तो उसके बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “They have to spell it”, यानी जो भी स्थिति है, उसे चुनाव आयोग को स्पष्ट करना होगा।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग के कामकाज और उसके भीतर कथित मतभेदों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है।

SIR को लेकर भी चल रहा विवाद

यह मामला चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे Special Intensive Revision (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच सामने आया है। SIR के तहत मतदाता सूची की गहन समीक्षा की जा रही है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग से पारदर्शिता और प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठा चुके हैं।

वहीं चुनाव आयोग की ओर से SIR को लेकर लगातार अपना पक्ष रखा गया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें गलत या अपात्र नामों की जांच करना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।

EC के भीतर मतभेद पर क्या है तस्वीर?

कुमारस्वामी का बयान चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की चर्चाओं के संदर्भ में आया है। उन्होंने इस पूरे मामले में किसी पक्ष का समर्थन या विरोध करने के बजाय आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

उनका कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संस्था को लेकर अगर इस तरह की खबरें सामने आती हैं, तो लोगों के सामने तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर होनी चाहिए।

EC ने फैसलों को लेकर क्या कहा?

चुनाव आयोग की ओर से पहले यह कहा गया है कि उसके स्तर पर लिए गए अंतिम फैसले संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय या सुझाव सामने आना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

ऐसे में कुमारस्वामी की मांग मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि आयोग के भीतर की वास्तविक स्थिति और सामने आ रही खबरों के बीच अगर कोई अंतर है, तो उसे आयोग खुद सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट करे।

कुमारस्वामी के बयान से फिर चर्चा में आया EC

कुमारस्वामी के इस बयान के बाद चुनाव आयोग के कामकाज और उसके भीतर कथित मतभेदों का मुद्दा फिर चर्चा में है। फिलहाल कुमारस्वामी ने आयोग से पूरे मामले पर तथ्य सामने रखने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

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