नई दिल्ली: स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन (गाइ परमेलिन) अगले हफ्ते भारत की यात्रा कर सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हो सकती है। प्रस्तावित यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
फरवरी 2026 में भी भारत आए थे परमेलिन
गाइ परमेलिन इससे पहले फरवरी 2026 में भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लिया था और प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत की थी। दोनों नेताओं ने भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के कई क्षेत्रों पर चर्चा की थी, जिसमें व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं तकनीक, कौशल विकास, सांस्कृतिक संवर्धन-टैक्टिक्स और लोगों के बीच संपर्क शामिल थे।
EFTA व्यापार समझौते पर भी हुई थी चर्चा
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (TEPA) के तहत आर्थिक संबंधों में आ रही सकारात्मक गति का स्वागत किया था। स्विट्जरलैंड EFTA का एक प्रमुख सदस्य है।
भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों का लंबा इतिहास
भारत और स्विट्जरलैंड के संबंधों की शुरुआत आजादी के बाद से ही मजबूत रही है। दोनों देशों ने 14 अगस्त 1948 को नई दिल्ली में मैत्री संधि पर हस्ताक्षर कर औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। दोनों देशों के रिश्ते लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और आपसी सहयोग पर आधारित रहे हैं।
व्यापार और तकनीक सहयोग पर रहेगा फोकस
आगामी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार और नागरिकता सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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