SIR Controversy: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत सस्पेंड करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में चुनाव एक तमाशा बन चुके हैं और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) केंद्रीय गृह मंत्रालय के इशारे पर काम कर रहा है। सांसद संजय राउत का यह राजनीतिक विवाद एक मीडिया रिपोर्ट के बाद गरमाया है।

 

इसमें दावा किया गया था कि स्पेशल समरी रिविजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान लिए गए फैसलों पर अन्य 2 चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) ने गंभीर आपत्तियां जताई थीं। ऐसे में विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के तहत बिना उचित सहमति के मनमाने फैसले लिए गए और मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए।

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क्या बोले सांसद संजय राउत?

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें कहा गया है कि दो चुनाव आयुक्तों (ECs) ने SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा, .ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस देश में चुनाव एक मज़ाक बन गए हैं। ECI गृह मंत्रालय के अधीन आता है।

अगर प्रधानमंत्री देश को बचाना चाहते हैं, तो उन्हें अमित शाह को कैबिनेट से हटा देना चाहिए। अगर पीएम मोदी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो मैं राष्ट्रपति से - जो तीनों सुरक्षा बलों के प्रमुख हैं - ज्ञानेश कुमार को हटाने की अपील करूंगा। अगर राष्ट्रपति भी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, तो सेना प्रमुख को ऐसे 'हुक्मशाहों' से देश को बचाने के लिए आगे आना चाहिए।

SIR में नहीं हुई कोई गड़बड़ी

संवैधानिक संस्थाओं से भी संजय राउत ने अपील करते हुए कहा कि, अगर प्रधानमंत्री इस पर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो वह राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे। उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए यहां तक कह दिया कि देश में लोकतंत्र बचाने के लिए जरूरत पड़ने पर सेना प्रमुख को भी आगे आना चाहिए। लेकिन भारतीय निर्वाचन आयोग की तरफ से इस बात को साफ कर दिया है कि SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी नहीं हुई।

 
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