Global South Meeting: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के हाई-लेवल वीक 2026 का आयोजन हुआ। जिसमें भारत-CELAC विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अन्य देशों के विदेश मंत्रियों को संबोधित किया। 

डॉ.एस.जयशंकर ने कहा कि, MERCOSUR के साथ PTA के विस्तार के ज़रिए इस क्षेत्र के साथ मज़बूत और संतुलित आर्थिक साझेदारी बनाने की कोशिश की जा रही है। एस.जयशंकर बोले, हमारा मकसद ऐसा फ्रेमवर्क बनाना है जिससे दोनों पक्षों को फायदा मिलेगा। हम एक-दूसरे की संवेदनशीलता और प्राथमिकताओं का ध्यान रखते हुए तेज़ी से आगे बढ़ना चाहते हैं।

 


भारत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी में अहम ताकत

अंतरराष्ट्रीय साझेदारी में भारत की एक अहम ताकत हमारा विकास का रिकॉर्ड है। हम पहले से ही CELAC (लैटिन अमेरिकी और कैरिबियाई देशों का समुदाय) के साथ कई व्यापारिक और विकास संबंधी सहयोग में शामिल हैं। भारत CELAC को सिर्फ़ एक क्षेत्रीय समूह के तौर पर नहीं, बल्कि एक ज़्यादा प्रतिनिधित्व वाले, संतुलित और समावेशी वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में एक बहुत महत्वपूर्ण साझेदार के तौर पर देखता है।

ग्लोबल साउथ' आज भले ही वैश्विक संकट में सबसे आगे


'ग्लोबल साउथ' के समान सोच वाले देशों और सहयोगियों की उच्च स्तरीय बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया में काफी अनिश्चितता है। हम इसे संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों, सप्लाई चेन में रुकावट, बढ़ते व्यापारिक अवरोधों, बिखरे हुए निवेश प्रवाह, जलवायु संबंधी झटकों और इस सच्चाई में देख सकते हैं,

अंतरराष्ट्रीय कानून और नियम भारी दबाव में हैं। सच्चाई यह भी है कि अलग दौर के लिए बनाई गई संस्थाएं आज भी उसी दौर की शक्ति संरचना को दिखाती हैं, और 'ग्लोबल साउथ' आज भले ही वैश्विक संकट में सबसे आगे हो, लेकिन फैसले लेने की प्रक्रिया में पीछे है।

जिससे थी समाधान की उम्मीद वहीं बना समस्या

एस.जयशंकर ने कहा कि पिछले साल जब हम UN में मिले तब से सक्रिय संघर्षों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। और ये वैश्विक अर्थव्यवस्था, खासकर 'ग्लोबल साउथ' के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं। ऐसे समय में जब हमें बहुपक्षवाद की ओर बढ़ना चाहिए था, हमने असल में इसे खत्म होते देखा है। जिन अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हमें समाधान की उम्मीद थी, वे खुद हमारे लिए एक समस्या बन गए हैं। 'ग्लोबल साउथ' के लिए एकजुटता दिखाने का इससे अहम समय पहले कभी नहीं रहा।


यह भी पढ़ें: UP Election 2027: सपा-कांग्रेस गठबंधन पर S.T. हसन का बड़ा बयान, बोले- फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा