नई दिल्ली: रक्षा बंधन के अवसर पर धार्मिक नेता साध्वी ऋतंभरा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘रक्षा सूत्र’ बांधा। उन्होंने इस मौके को स्नेह, श्रद्धा, राष्ट्रभावना और भारत की सुरक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए इसे भावनात्मक प्रतीक बताया। साध्वी ऋतंभरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की कलाई पर बांधा गया यह रक्षा सूत्र केवल रक्षा बंधन की पारंपरिक रस्म नहीं है, बल्कि मातृशक्ति के स्नेह, राष्ट्र के प्रति समर्पण और भारत की सुरक्षा के संकल्प का भावनात्मक प्रतीक है।

‘सिर्फ राखी नहीं, राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव’
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि रक्षा सूत्र के जरिए स्नेह और श्रद्धा के साथ देश के प्रति समर्पण की भावना व्यक्त की गई। उन्होंने इसे भारत की सुरक्षा और राष्ट्रहित के लिए संकल्प का प्रतीक बताया। रक्षा बंधन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पवित्र त्योहार सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और सफलता लेकर आए और प्रेम, स्नेह तथा आपसी विश्वास का रिश्ता हमेशा मजबूत बना रहे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने बच्चों के साथ मनाया रक्षा बंधन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में विभिन्न स्कूलों और संगठनों के बच्चों के साथ रक्षा बंधन मनाया। राष्ट्रपति ने कहा कि रक्षा बंधन का महत्व केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है। राखी परिवार के सदस्यों, दोस्तों और यहां तक कि पेड़-पौधों को भी बांधी जा सकती है। उन्होंने बच्चों से पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़-पौधों की देखभाल करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति भवन में भी गूंजा रक्षा बंधन का उत्सव
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी स्कूल के बच्चों के साथ रक्षा बंधन मनाया। बच्चों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान उन्होंने राखी को प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के रिश्ते का प्रतीक बताया।

अमित शाह ने बेटियों के साथ मनाया त्योहार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में अपने संसदीय क्षेत्र की उन बेटियों के साथ रक्षा बंधन मनाया, जो टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रही हैं। इस मौके पर उन्होंने सरकार की उस पहल का भी उल्लेख किया, जिसके तहत इस बीमारी से प्रभावित बच्चों को जीवनभर मुफ्त इंसुलिन उपलब्ध कराने की योजना पर जोर दिया जा रहा है। इस तरह रक्षा बंधन के मौके पर देश के शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक पदों से जुड़े लोगों ने अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और सेवा के संदेश को सामने रखा।  

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