नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक आज, 5 अक्टूबर से शुरू हो गई है। बैठक में महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, रुपये की कमजोरी और देश की आर्थिक स्थिति समेत कई अहम मुद्दों पर मंथन किया जा रहा है। MPC ब्याज दरों को लेकर अपना फैसला 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे जारी करेगी।
फिलहाल RBI की रेपो रेट 5.25 फीसदी है। अगस्त में हुई पिछली MPC बैठक में भी केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था और इसे 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा था। अब अक्टूबर की बैठक में दरों को लेकर बाजार की नजर RBI के फैसले पर टिकी है।
क्या बढ़ सकती है रेपो रेट?
इस बार ब्याज दर बढ़ने की संभावना पहले के मुकाबले ज्यादा बताई जा रही है। Reuters के सर्वे में 61 अर्थशास्त्रियों में से 35 ने 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है। अगर RBI 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करता है तो रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो जाएगी।
हालांकि, इसे अभी RBI का तय फैसला नहीं माना जा सकता। कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक इस बैठक में भी दरों को 5.25 फीसदी पर बरकरार रख सकता है। यानी 7 अक्टूबर को आने वाला फैसला ही तस्वीर साफ करेगा।
महंगाई और कच्चा तेल बनी बड़ी चिंता
ब्याज दरों पर RBI के फैसले में महंगाई अहम भूमिका निभा सकती है। अगस्त में खुदरा महंगाई 4.82 फीसदी रही, जो RBI के 4 फीसदी के लक्ष्य से लगातार तीसरे महीने ऊपर रही। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये पर दबाव ने भी महंगाई को लेकर चिंता बढ़ाई है।
अगर रेपो रेट बढ़ी तो EMI पर क्या असर होगा?
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को पैसा देता है। इसमें बढ़ोतरी होने पर बैंकों के लिए फंडिंग महंगी हो सकती है। इसका असर नए लोन की ब्याज दरों और कुछ फ्लोटिंग-रेट लोन की EMI पर पड़ सकता है।
खासकर होम लोन और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों की नजर इस फैसले पर रहेगी। हालांकि EMI कितनी बढ़ेगी, यह लोन की राशि, ब्याज दर, बची हुई अवधि और बैंक की ओर से किए गए बदलाव पर निर्भर करेगा। दूसरी तरफ, अगर RBI दर बढ़ाता है तो बैंकों की FD समेत कुछ जमा योजनाओं पर बेहतर ब्याज मिलने की संभावना भी बन सकती है।
7 अक्टूबर को साफ होगी तस्वीर
RBI की MPC बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक चलेगी। केंद्रीय बैंक 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति का ऐलान करेगा। फिलहाल बाजार में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद मजबूत है, लेकिन अंतिम फैसला RBI ही करेगा।
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