Rajnath Singh Jaisalmer Visit: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर राजस्थान के जैसलमेर पहुंचे। यहां वह रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में देश की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

शौर्य वन वॉर म्यूजियम पहुंचे रक्षा मंत्री
जैसलमेर दौरे के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'शौर्य वन' वॉर म्यूजियम में आयोजित लाइट एंड साउंड शो देखा। उनके साथ रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य भी मौजूद थे। रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा से जुड़े अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक को देश की सुरक्षा व्यवस्था और रक्षा तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नए वायुसेना प्रमुख अशुतोष दीक्षित से मिले राजनाथ सिंह
जैसलमेर पहुंचने से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना के नवनियुक्त प्रमुख एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित से मुलाकात की। उन्होंने नए वायुसेना प्रमुख को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए राजनाथ सिंह ने उन्हें एक अनुभवी वायु योद्धा और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता वाला अधिकारी बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना नई ऊंचाइयों को हासिल करेगी।

31 अक्टूबर को संभाली वायुसेना प्रमुख की कमान
एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह ली, जो 42 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। नए वायुसेना प्रमुख ने रविवार को 'वायु' (VAYU) विजन के तहत भारतीय वायुसेना की प्राथमिकताएं भी सामने रखीं। इसमें युद्धक तैयारी मजबूत करना, स्वीकृत लड़ाकू क्षमता को बहाल करना, स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देना, तकनीकी नवाचार और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना शामिल है।

चार दशक का अनुभव, NDA से की पढ़ाई
एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से शिक्षा प्राप्त की है। उन्हें 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। करीब चार दशक के करियर में उन्होंने ऑपरेशंस, फ्लाइट टेस्टिंग, क्षमता विकास और ज्वाइंट स्टाफ से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। अब उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता, आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा तकनीक पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है।