लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है, उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री को इस बहस के लिए राजी करें। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित शाह के दो पुराने बयानों के वीडियो साझा किए। इसके साथ उन्होंने लिखा कि अमित शाह प्रधानमंत्री को उलझन में डालने के बजाय उन्हें खुली बहस के लिए तैयार करें। राहुल ने कहा कि बहस के लिए कोई भी जगह और समय तय किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि डरने की जरूरत नहीं है।

अमित शाह के दो बयानों को लेकर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने जो पहला वीडियो साझा किया, वह 10 दिसंबर 2025 का है। इसमें अमित शाह संसद में 'वोट चोरी' के आरोपों पर जवाब देते नजर आ रहे हैं। उस दौरान शाह ने कहा था कि एसआईआर पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती, क्योंकि अगर इस मुद्दे पर सवाल उठे तो उनका जवाब कौन देगा। वहीं, दूसरा वीडियो 5 नवंबर 2026 का बताया गया है। इसमें अमित शाह हरियाणा के करनाल में एक रैली को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा था कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर एसआईआर पर चर्चा कराने के लिए तैयार है। राहुल गांधी ने इन दोनों बयानों को साझा कर अमित शाह के रुख पर सवाल उठाए हैं।

अमित शाह ने राहुल गांधी को दी थी चुनौती

इससे पहले अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि अगर उनके पास एसआईआर के मुद्दे पर ठोस तथ्य और तर्क हैं, तो उन्हें संसद में आकर चर्चा करनी चाहिए। शाह ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी जवाब सुनने से बचते हैं और संसद में हंगामा करना कांग्रेस की आदत बन गई है, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस संसद की कार्यवाही बाधित करती है और फिर सड़कों पर प्रदर्शन करती है।

अमित शाह ने राहुल गांधी को हरियाणा में किसी भी चौराहे पर बहस करने की चुनौती भी दी थी, उन्होंने कहा था कि वहां भाजपा युवा मोर्चा का अध्यक्ष उनसे चर्चा करने पहुंच जाएगा। शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि पार्टी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए एसआईआर का विरोध कर रही है।

पीएम मोदी को लगातार बहस की चुनौती दे रहे राहुल गांधी

राहुल गांधी पिछले कुछ समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई बार खुली बहस की चुनौती दे चुके हैं, उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री कांग्रेस नेताओं को देशद्रोही कहते हैं। राहुल गांधी का दावा है कि अगर प्रधानमंत्री उनके साथ आमने-सामने बैठकर बहस करें, तो वह महज पांच मिनट में उनके आरोपों का जवाब दे सकते हैं और अपनी बात तथ्यों के साथ रख सकते हैं। अब उन्होंने एक बार फिर एसआईआर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से सार्वजनिक बहस करने की मांग उठाई है।