Rahul Gandhi News: देश की सियासत में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर घमासान तेज हो गया है। चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष ने अब सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपनी आवाज बुलंद कर दी है। सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने दिल्ली में मार्च निकाला। इसके बाद 11 विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। अब मंगलवार को राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों को अपने आवास पर हाई टी के लिए आमंत्रित किया है। ऐसे में इस मुलाकात को आगे की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

'डरेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं', राहुल गांधी ने सरकार को दी चुनौती
सोमवार को प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी ने जनता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और INDIA गठबंधन के सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह दिन इसलिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि सरकार को यह संदेश देना जरूरी था कि देश के लोगों को डराकर उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले हर व्यक्ति और दोपहर तीन बजे अपने तरीके से समर्थन देने वाले लाखों लोगों का वह धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष न धमकियों से डरेगा और न ही किसी दबाव के आगे झुकेगा।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विरोध की आवाज को दबाने के लिए डराने-धमकाने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने RSS से जुड़े लोगों पर भी प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया और सवाल किया कि जब विपक्ष और आम लोग सामने खड़े हैं, तो ऐसे लोग सामने क्यों नहीं आते।

सड़क पर प्रदर्शन के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष
दिल्ली में बराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए मार्च के बाद विपक्ष ने कानूनी लड़ाई भी तेज कर दी। याचिका में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर लिए गए फैसलों और उनकी प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।

संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल याचिका में देशभर में चल रही SIR प्रक्रिया को मामले की सुनवाई और विवादित मुद्दों के निपटारे तक स्थगित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग भी रखी गई है।

याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही, यह सवाल भी उठाया है कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सहमति के बिना आयोग की सामूहिक शक्तियों का इस्तेमाल किया। विपक्ष ने SIR लागू करने के फैसले से जुड़े दस्तावेज, बैठक के मिनट्स, फाइलों, अधिकारियों की टिप्पणियों और दर्ज आपत्तियों का रिकॉर्ड भी पेश करने की मांग की है।

CJI के पत्र के बाद दाखिल हुई याचिका
याचिका के मुताबिक, 10 अक्टूबर को राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से किए गए अनुरोध के जवाब में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 11 अक्टूबर को लिखित संवाद किया था। इसमें समान मुद्दों से जुड़े मामलों की 13 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित होने का उल्लेख करते हुए नई याचिका पर कानून के अनुसार जल्द सुनवाई का आश्वासन दिया गया था।

विपक्ष ने मांग की है कि उसकी याचिका पर पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित संबंधित मामलों के साथ विचार किया जाए।

मंगलवार को हाई टी पर जुटेंगे विपक्षी सांसद, आगे की रणनीति पर नजर
SIR को लेकर सड़क पर हुए प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट में कानूनी चुनौती के बाद राहुल गांधी का विपक्षी सांसदों को हाई टी पर बुलाना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इस बैठक में विपक्षी एकजुटता और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। फिलहाल SIR को लेकर विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। विपक्ष इसे मतदाता सूची की निष्पक्षता से जुड़ा मुद्दा बता रहा है, जबकि इस विवाद का कानूनी पहलू अब सुप्रीम कोर्ट के सामने है। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और विपक्ष की रणनीति पर सभी की नजरें रहेंगी।

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