देश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज सामान्य होने का नाम नहीं ले रहा है। कई इलाकों में एक बार फिर बारिश, तेज हवाओं और तूफान का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार आज देश के 19 राज्यों में खराब मौसम देखने को मिल सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज आंधी चलने की आशंका जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय प्रचंड चक्रवाती तूफान को प्रमुख वजह माना जा रहा है। इसका प्रभाव खासतौर पर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में दिखाई दे सकता है। पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज बारिश की स्थिति बन सकती है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ने की आशंका है।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने तूफानी सिस्टम के कारण पूर्वी भारत में वर्षा की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कुछ राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है। तटीय कर्नाटक और दक्षिण तमिलनाडु के आसपास चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होने के संकेत हैं। दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी मौसम बिगड़ सकता है।
ऐसे में अगर आप 4 नवंबर को कहीं बाहर जाने या लंबी दूरी की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने क्षेत्र का मौसम पूर्वानुमान जरूर देख लें। आइए जानते हैं कि अलग-अलग राज्यों और उनके प्रमुख जिलों में मौसम का क्या असर देखने को मिल सकता है।
19 राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 4 नवंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम में मौसम खराब रह सकता है।
इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में तूफानी हवाओं की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश और तेज हवाओं से खेती-किसानी पर भी असर पड़ सकता है। आइए अब राज्यवार मौसम का हाल जानते हैं।
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली में 4 नवंबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, हवा की रफ्तार लगभग 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। तापमान की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम पारा 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश और बिहार के इन जिलों में बारिश की संभावना
यूपी के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। गोरखपुर, सोनभद्र, गाजीपुर, चंदौली, बलिया, कुशीनगर, देवरिया, बिजनौर, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, आगरा, मथुरा, कानपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, सीतापुर, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, पीलीभीत, बाराबंकी, उन्नाव और फिरोजाबाद में खराब मौसम की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बारिश और आंधी के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।
बिहार के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का असर दिखाई दे सकता है। पटना, गया, बक्सर, सिवान, सारण, भोजपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, बेगूसराय, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया और लखीसराय में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है।
झारखंड में 4 और 5 नवंबर को बिगड़ सकता है मौसम
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम का असर झारखंड के कई जिलों में देखने को मिल सकता है। रांची, साहिबगंज, दुमका, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, सरायकेला, पलामू और पूर्वी सिंहभूम में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, इन इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की आशंका भी जताई गई है।
पहाड़ों में कैसा रहेगा मौसम
उत्तराखंड के पहाड़ी राज्य में मौसम का मिजाज बिगड़ने की संभावना है। अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल, देहरादून, पिथौरागढ़, चमोली, हरिद्वार, ऋषिकेश और रुद्रप्रयाग में बारिश तथा तेज हवाओं को लेकर चेतावनी दी गई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम के दौरान भूस्खलन और रास्ते बाधित होने का खतरा भी बना रह सकता है।
हिमाचल के कई जिलों में 4 नवंबर को मौसम खराब रहने के संकेत हैं। कुल्लू, शिमला, सोलन, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति, चंबा और मंडी में बारिश तथा तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके चल सकते हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।
जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में अगले दो दिनों के दौरान मौसम प्रभावित हो सकता है। अनंतनाग, डोडा, जम्मू, पुंछ, बारामूला, गांदरबल, उधमपुर, किश्तवाड़ और रियासी में बारिश तथा आंधी की संभावना जताई गई है। खराब मौसम के कारण पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
पश्चिम बंगाल में चक्रवाती सिस्टम दिखाएगा असर
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान के चलते पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मालदा, बीरभूम, हावड़ा, कोलकाता, दार्जिलिंग, नादिया, दुर्गापुर, कालिम्पोंग, पुरुलिया और मुर्शिदाबाद में मौसम खराब रहने का अनुमान है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। गरज-चमक के साथ बारिश होने से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
मध्य प्रदेश में तेज बारिश और आंधी की आशंका
मध्य प्रदेश के कई जिलों में 4 नवंबर को बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। छतरपुर, दमोह, उमरिया, सिंगरौली, शिवपुरी, कटनी, बैतूल, खंडवा, इंदौर, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), रायसेन, मुरैना, धार, हरदा और उज्जैन में खराब मौसम की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ आंधी चल सकती है। ऐसे मौसम में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।
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खराब मौसम में इन बातों का रखें ध्यान
देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर हासिल करें।
- तेज आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखें।
- बिजली चमकने के समय खुले मैदान और जलाशयों के आसपास न रुकें।
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर जाने से बचें।
- किसानों को कटी हुई फसल और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए स्थानीय मौसम सलाह का पालन करना चाहिए।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को गंभीरता से लें।