लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी है, उनकी इस चुनौती पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने निशाना साधा है। दोनों नेताओं ने राहुल गांधी के संसद में व्यवहार और बहस में उनकी भागीदारी को लेकर सवाल उठाए हैं।

निर्मला सीतारमण ने संसद में चर्चा करने की दी नसीहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री से चर्चा करनी है, तो इसके लिए संसद से बेहतर जगह क्या हो सकती है? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद नेता प्रतिपक्ष हैं और संसद में उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलता है। सीतारमण ने यह भी याद दिलाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने SIR और EVM जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव दिया था। ऐसे में राहुल गांधी को सोशल मीडिया पर चुनौती देने के बजाय संसद में भी चर्चा के लिए उतनी ही दिलचस्पी दिखानी चाहिए।

सवाल पूछते हैं तो जवाब सुनने के लिए भी रहें मौजूद

निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि जब संसद में सरकार उनके सवालों और आरोपों का जवाब देती है, तब कई बार वह और उनकी पार्टी के सांसद सदन से बाहर चले जाते हैं, उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर सवाल उठाने के साथ उसका जवाब सुनना भी जरूरी है। वित्त मंत्री ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया, उनका कहना था कि अगर राहुल गांधी वास्तव में चर्चा चाहते हैं, तो उन्हें सदन की कार्यवाही सही तरीके से चलने देने में सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर आयोजित मॉक संसद पर भी तंज कसा। सीतारमण ने कहा कि इस तरह के आयोजन से संसद की गंभीरता और गरिमा का मजाक बनता है, उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति से ज्यादा जिम्मेदारी और गंभीरता की उम्मीद की जाती है।

आरोप लगाने के बजाय सबूत पेश करें राहुल गांधी

वित्त मंत्री ने राहुल गांधी से कहा कि लोकतंत्र और संविधान की बात करने के साथ-साथ उन्हें उन संस्थाओं का सम्मान भी करना चाहिए। अगर उनके पास सरकार के खिलाफ कोई आरोप या शिकायत है, तो उन्हें उसके समर्थन में ठोस सबूत पेश करने चाहिए, उन्होंने कहा कि केवल आरोपों की लंबी सूची तैयार करने से कोई बात साबित नहीं होती। राहुल गांधी को तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए और संसद में होने वाली चर्चा के दौरान दूसरों की बात भी सुननी चाहिए।

सीतारमण ने राहुल गांधी के 'डरो मत' वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वह अपनी बात को लेकर आश्वस्त हैं, तो उन्हें तथ्यों के साथ सामने आना चाहिए और सवालों के जवाब सुनने के लिए भी सदन में मौजूद रहना चाहिए।

स्मृति ईरानी ने भी राहुल गांधी पर साधा निशाना

इस पूरे मामले में बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने भी राहुल गांधी पर कटाक्ष किया, उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'जो पार्लियामेंट में डिबेट से डरते हैं, सुना है आज-कल वो बड़ी-बड़ी बातें करते हैं।' स्मृति ईरानी के इस बयान को राहुल गांधी की बहस करने की चुनौती पर बीजेपी की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। इस तरह प्रधानमंत्री को बहस के लिए दिए गए राहुल गांधी के न्योते पर बीजेपी के दो बड़े नेताओं ने संसद में चर्चा और विपक्ष की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं।