Ganga Expressway Waterlogging: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में भारी बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक-बशीरतगंज इंटरचेंज के पास जलभराव की तस्वीरें सामने आई हैं। सड़क और आसपास के हिस्से में पानी जमा होने के बाद यहां का नजारा कुछ ऐसा हो गया कि स्थानीय लोग जाल लेकर पानी में उतर गए। मछली पकड़ते लोगों का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बारिश के बाद एक्सप्रेसवे पर भरा पानी
उन्नाव के दही थाना क्षेत्र के सोनिक इलाके में लगातार बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास पानी जमा हो गया। सोनिक टोल प्लाजा और इंटरचेंज के पास भी जलभराव की स्थिति बनी। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ हिस्सों में पानी कई फीट तक जमा हो गया था।
पानी सिर्फ एक्सप्रेसवे के आसपास ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी सर्विस रोड तक पहुंच गया। इससे वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। जलभराव वाले हिस्से से पानी निकालने के लिए पंप और दूसरी मशीनरी लगाई गई।
जाल लेकर पानी में उतर गए लोग
जलभराव के बीच सामने आए वीडियो ने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचा। वीडियो में कुछ स्थानीय लोग पानी में जाल डालते हुए दिखाई दे रहे हैं। पानी में मछली पकड़ने का यह नजारा सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।
लोग वीडियो को अलग-अलग कैप्शन के साथ शेयर कर रहे हैं और इसी वजह से गंगा एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा चर्चा में आ गया है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और वीडियो के पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
टोल प्लाजा के आसपास भी जलभराव
बारिश का असर सोनिक टोल प्लाजा के आसपास भी दिखाई दिया। जलभराव के कारण कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रभावित हिस्से से पानी निकालने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों को लगाया गया।
स्थानीय स्तर पर पानी की निकासी के प्रयास किए गए ताकि सड़क पर आवाजाही को सामान्य किया जा सके।
UPEIDA ने बताई तकनीकी वजह
गंगा एक्सप्रेसवे के इस हिस्से में जलभराव को लेकर UPEIDA यानी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से तकनीकी वजह बताई गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, पुराने कानपुर रोड यानी NH-27 से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले इंटरचेंज के करीब 50 मीटर हिस्से में सड़क को निर्धारित ऊंचाई तक बनाने में ट्रांसमिशन लाइन से जुड़ी बाधा सामने आई थी। भारी बारिश के दौरान इसी हिस्से में पानी जमा होने की स्थिति बनी। UPEIDA की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान पर काम किए जाने की बात कही गई है।
पहले भी सामने आ चुका है जलभराव
गंगा एक्सप्रेसवे के उन्नाव वाले हिस्से में जलभराव की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। सितंबर की शुरुआत में भी सोनिक टोल प्लाजा के आसपास बारिश का पानी जमा होने की खबर सामने आई थी।
अब दोबारा भारी बारिश के बाद पानी भरने और लोगों के जाल लेकर मछली पकड़ने का वीडियो सामने आने से यह मामला फिर चर्चा में है। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर लंबा है और उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में शामिल है। फिलहाल प्रभावित हिस्से में पानी निकालने और यातायात व्यवस्था को सामान्य करने के लिए काम किया जा रहा है।
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