नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम देशभर के छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने ला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की परेशानियों को दूर करने में असफल हो रही है।
इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
इंदौर में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों की समस्याओं और उनकी चिंताओं को उठाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने लिखा, “राहुल गांधी जी ‘छात्रों की गूंज’ के जरिए देश की शिक्षा व्यवस्था से प्रभावित छात्रों की आवाज लगातार उठा रहे हैं। लाखों छात्र, अभिभावक और शिक्षक इस कार्यक्रम के माध्यम से अपनी परेशानियां और संघर्ष सामने ला रहे हैं।”
जयराम रमेश ने राहुल गांधी के पहले के कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें कोचिंग संस्थानों, भर्ती में देरी, पेपर लीक और युवाओं की चुनौतियों जैसे मुद्दे उठाए गए।
कोटा में शिक्षा और कोचिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए थे
उन्होंने कहा कि कोटा में राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं और कोचिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। वहीं देहरादून में उन्होंने पेपर लीक के मामलों और प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की परेशानियों का मुद्दा उठाया।
जयराम रमेश ने कहा कि पुणे में राहुल गांधी ने युवा महिलाओं से जुड़े मुद्दों और लैंगिक असमानता पर भी अपनी बात रखी।
इंदौर में होने वाले कार्यक्रम को लेकर जयराम रमेश ने मध्य प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पेपर लीक और शिक्षण संस्थानों में खाली पदों जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले का जिक्र
उन्होंने मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ था। जयराम रमेश ने दावा किया कि राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं और सरकारी स्कूलों में भी शिक्षकों के पद रिक्त हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी समस्याएं उठाने के लिए तैयार हैं।
भर्ती प्रक्रिया और बेरोजगारी पर चर्चा
कांग्रेस नेताओं द्वारा शुरू किए गए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का उद्देश्य छात्रों से जुड़े मुद्दों जैसे परीक्षा में अनियमितता, पेपर लीक, बढ़ती शिक्षा लागत, भर्ती प्रक्रिया और बेरोजगारी पर चर्चा करना है।
यह अभियान इससे पहले पुणे, कोटा, देहरादून और प्रयागराज में आयोजित किया जा चुका है।
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