नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 1, अक्टूबर को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के शताब्दी समारोह में संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा को केवल एक आयोजन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
PM ने UPSC परीक्षा-भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार करने को कहा
पीएम मोदी ने यूपीएससी से आग्रह करते हुए कहा कि आयोग अपनी परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार करे, क्योंकि एक परीक्षा सीधे युवा उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ी होती है और देरी उनके लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को परीक्षा “समय की निश्चितता” मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने करियर एवं जीवन की बेहतर योजना बना सकें।
पीएम ने पारदर्शिता के साथ काम करने की सलाह दी
प्रधानमंत्री ने बदलते समय के अनुरूप परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों और तकनीकी बदलावों के दौर में भर्ती और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाना जरूरी है।
स्मारक सिक्का और डाक टिकट किए जारी
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने UPSC के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया। इसके साथ ही '100 लैंडमार्क जजमेंट्स: शेपिंग द पॉलिसीज ऑफ यूपीएससी एंड पब्लिक सर्विस कमीशंस इन इंडिया' नामक एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया।