नई दिल्ली: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि कृषि, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में AI का ज़्यादा इस्तेमाल समाज को और ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक्नोलॉजी को लोकतांत्रिक बनाने और इसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का स्पष्ट मार्गदर्शन दिया है।

समाज में कृषि, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा में AI का इस्तेमाल

उन्होंने कहा कि "समाज में कृषि, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा में AI का जितना ज़्यादा इस्तेमाल होगा, उतना ही ज़्यादा फ़ायदा होगा। अगले महीने AI सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, AI के फ़ायदे और नुकसान, सभी के लिए AI के फ़ायदे और डीपफेक जैसी हानिकारक चीज़ों से सुरक्षा पर एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया जाएगा। इसी कंसल्टेशन पेपर के आधार पर बाद में AI रेगुलेशन बनाए जाएँगे।"

AI छोटे-मध्यम उद्यमों के लिए भी बड़े अवसर पैदा करेगा

वैष्णव ने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है जिन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को अपनाकर वास्तविक लाभ प्राप्त किए हैं। उनके अनुसार, तकनीक का वास्तविक उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, लागत कम करना, राजस्व में वृद्धि करना और लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि AI छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए भी बड़े अवसर पैदा करेगा।

AI नियमन पर परामर्श पत्र जारी करेगी सरकार

अश्विनी वैष्णव ने यह भी कहा कि सरकार AI के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए आवश्यक नीतिगत ढांचा तैयार कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि AI सुरक्षा, डीपफेक, साइबर सुरक्षा और मानव-केंद्रित विकास जैसे विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार जल्द ही AI नियमन पर एक परामर्श पत्र भी जारी करेगी, जिससे विभिन्न हितधारकों की राय लेकर आगे की नीति तय की जा सके।

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