Delhi News: राजधानी दिल्ली में बीते दिनों कालकाजी मंदिर के पास स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की से हुए सामूहिक बलात्कार मामले ने महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। इस घटना में पुलिस ने लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमेन के पास मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना और मुठभेड़ के बाद लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमेन के प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। कॉलेज प्रशासन ने स्थिति को समझते हुए और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कक्षाओं को निलंबित कर शिक्षण को ऑनलाइन क्लास शुरु कर दी हैं। लेकिन दिल्ली में यह पहली घटना नहीं है जिसके बाद पुलिस सवालिया घेरे में खड़ी है। इससे पहले भी कई मामले हैं जिनकी कार्रवाई फाइलों में दर-दर भटक रही है।

आस्था कुंज पार्क में पुलिसकर्मी बनकर पहुंचे आरोपी

आस्था कुंज पार्क में सोमवार की शाम एक 17 वर्षीय किशोर अपने एक पुरुष मित्र के साथ कालकाजी मंदिर दर्शन करने आई थी। जहां दर्शन कर वह आस्था कुंज पार्क में गए। तभी उनके पास 3 युवक पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर बातचीत करने लगे। बातचीत के दौरान किशोरी के दोस्त को वह अलग कहीं दूर ले गए। फिर किशोरी को पार्क में सुनसान जगह ले जाकर बारी बारी से दुष्कर्म किया। पुलिस के मुताबिक किशोरी को तीनों युवकों ने धमकी भी दी।

फायरिंग के बाद कॉलेज ने क्लास को किया किया सस्पेंड

मंगलवार यानी की कल 22 सितंबर 2026 को पुलिस ने मामले से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को कॉलेज परिसर के पास में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। कॉलेज परिसर के पास हुई मुठभेड़ और सामुहिक दुष्कर्म के मामले में दोपहर को कॉलेज में कक्षाएं स्थगित कर दी गईं।

मामले में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार करने कॉलेज के पिछले गेट के पास पुलिस पहुंची थी। आरोपी को पुलिस ने कॉलेज के गेट से 50 मीटर की दूर रोका था लेकिन वह नहीं रूका। ऐसे में पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग के बाद छात्रों और कर्मचारियों में डर फैल गया।

हेड कॉस्टेबल के लगी बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली

कॉलेज प्रशासन ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और भलाई उसकी प्राथमिकता को ऊपर रखा है। कॉलेज प्रशासन ने सलाहकारों और परामर्शदाताओं से इस मुद्दे पर चर्चा की और छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लास देने की सहमति बनाई। मामले में पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इनमें से एक आरोपी, जिसकी पहचान आसिफ के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर अमर कॉलोनी में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय रोड के पास पुलिस द्वारा उसे पकड़ने की कोशिश करने पर फायरिंग की थी। जो हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी।

पेइंग गेस्ट और आवासों में रहने वाले हुए चिंतित

इस घटना ने कॉलेज और आस्था कुंज पार्क के आस-पास बने पेइंग गेस्ट व अन्य आवासों में रहने वाले छात्रों को चिंता में डाल दिया है। कुछ छात्रों ने कथित तौर पर अस्थायी रूप से घर लौटने पर चर्चा की है,जबकि अन्य ने कहा कि वे अकेले यात्रा करने से बच रहे हैं और समूहों में यात्रा कर रहे हैं।

कॉलेज छात्र संघ ने मंगलवार रात 9 बजे इस पर चर्चा करने के लिए एक आपातकालीन ऑनलाइन बैठक आयोजित की। बैठक से पहले छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने कई छात्रों को "डरा हुआ और असुरक्षित" महसूस कराया है और सुरक्षा उपायों और छात्रों की चिंताओं पर सामूहिक चर्चा का आह्वान किया है।

बैठक में रखी गई छात्राओं की सुरक्षा की बात

कॉलेज छात्र संघ ने मामले में कहा कि कॉलेज प्रशासन के समक्ष छात्रों की चिंताओं को रखेंगे। विशेष तौर से परिसर की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। बैठक में कहा गया कि छात्रों के लिए अपनी चिंताओं को व्यक्त करने, अपने अनुभव साझा करने और लागू किए जाने वाले उपायों पर चर्चा करने का एक मंच तैयार है। कुछ छात्राओं का कहना है कि कॉलेज के आस-पास सुरक्षा को बाद में लागू न करके अभी धरातल पर आकांक्षा के बजाय तत्काल आवश्यकता के तौर पर देखा जाना बेहद जरूरी है।

छात्रों से भी एक जुट होकर सामूहिक तौर पर अपनी चिंताओं को बताने के लिए आग्रह किया गया है। ऐसे में अब देखना यह होगा कि क्या इस वारदात के बाद अब दिल्ली पुलिस सोई हुई नींद से जागेगी या फिर से सुरक्षा दावों की महज बानगी की जाएगी?

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