नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। विपक्षी दलों के सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सवाल उठाए और CEC के इस्तीफे की मांग दोहराई।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची को लेकर अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और बीजेपी ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज किया है।
राहुल गांधी, खड़गे और ममता बनर्जी राष्ट्रपति से मिलेंगे
INDIA ब्लॉक ने इस मामले को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा था। रिपोर्टों के मुताबिक राष्ट्रपति भवन की ओर से 10 विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार को मिलने का समय दिया गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना है।
विपक्षी नेता राष्ट्रपति के सामने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर अपनी आपत्तियां रखने की तैयारी में हैं।
राजघाट पहुंचा विपक्षी दलों का प्रदर्शन
गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एक रेस्तरां में INDIA ब्लॉक के नेताओं के लिए लंच बैठक आयोजित की। इसके बाद विपक्षी सांसद महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट की ओर रवाना हुए, जहां शांतिपूर्ण धरना देने की घोषणा की गई।
खड़गे ने कहा कि INDIA ब्लॉक के सांसद गांधी स्मारक पर शांतिपूर्ण तरीके से बैठेंगे। उन्होंने महंगाई, युवाओं से जुड़े मुद्दों और कथित 'वोट चोरी' जैसे विषयों को भी विपक्ष के प्रदर्शन का हिस्सा बताया।
राहुल गांधी बोले- करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं
राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पिछले दो दिनों से प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है।
राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्षी सांसद पहले चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश की गई, जहां भी पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और अन्य राजनीतिक नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित पक्षों ने इन आरोपों को खारिज किया है।
दो दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन
INDIA ब्लॉक का यह विरोध प्रदर्शन 6 अक्टूबर से शुरू हुआ था। पहले दिन विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया था।
7 अक्टूबर को भी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में लिया था।
अब तीसरे दिन विपक्षी दलों ने अपना प्रदर्शन राजघाट तक ले जाने का फैसला किया है। वहीं, राष्ट्रपति मुर्मू से प्रस्तावित मुलाकात को विपक्ष की ओर से SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को उठाने के एक और मंच के तौर पर देखा जा रहा है।
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