Delhi News: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। इस कार्रवाई के अंतर्गत 1 करोड़ से ज्यादा की कीमत के ड्रोन और अन्य प्रतिबंधित सामान को कस्टम विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। भारत सरकार द्वारा पूरी तरह से निर्मित विदेशी ड्रोन के आयात पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद, यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण कामयाबी है

7 आरोपियों को किया गिरफ्तार

सूचना के आधार पर कस्टम विभाग इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सक्रिय हो गई। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक बरामद माल की कीमत 1 करोड़ से ज्यादा है। इसमें बरामद किए सामान में ड्रोन, सिगरेट और अन्य कीमती सामान को देश में तस्करी के लिए विदेश से लाया जा रहा था।

लेकिन सीमा शुल्क विभाग ने पहले ही अपनी मुस्तैदी से इस खेप को भारत के अन्य हिस्सों में पहुंचने से बचा लिया। इस पूरे मामले में कस्टम विभाग की टीम ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन गिरफ्तार आरोपियों में एक सीमा शुल्क अधिकारी भी पकड़े गए हैं।

2 अलग-अलग फ्लाइट से आए थे आरोपी

दरअसल कस्टम विभाग अधिकारी को एयरपोर्ट पर वायु खुफिया अधिकारी के पद पर संवेदनशील पद पर तैनात किया गया था। अधिकारियों द्वारा एयरपोर्ट पर उस समय हाई वोल्टेज ड्राम देखने को मिला जब दुबाई से आई एक फ्लाइट से 2 लोगों ने और दूसरी फ्लाइट से आए 4 लोगों की टीम को सीमा शुल्क और राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों की टीम ने पूछताछ के लिए रोका। संदेह के आधार पर व्यक्तिगत तौर पर उनकी तलाशी ली। जिसके बाद वह जो सामान अपने साथ लेकर आए थे उसकी जांच हुई।

तलाशी में बरामद हुआ सामान

तलाशी के परिणामस्वरुप बेंसन एंड हेजेस ब्रांज की सिगरेट के 574 कार्टन जिसमें 200 सिगरेट भरे थे वह, पाइन सिगरेट के 1.064 कार्टन, किट समेत 14 ड्रोन, 18 उच्च स्तरीय कैमरे और 16 चिवास रीगल की बोतलें बरामद हुईं। इनकी कीमत 1.09 करोड़ रूपये आंकी गई है। जो अलग चेक-इन बैगेज में रखी गई थी। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों में शामिल एक शख्स ने इस बात को स्वीकार किया कि वह तस्करी रैकेट का सरगना था।

2 वर्षों में 6-7 करोड़ रूपए का सामान तस्करी में किया बरामद

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के पहाड़गंज क्षेत्र के निवासी मुख्य आरोपी कथित तौर पर सीमा शुल्क अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा था। अन्य 4 आरोपियों के साथ मिलकर भागने का प्रयास में पूछताछ के लिए रोके गए कुछ सीमा शुल्क अधिकारियों की भी पिटाई की गई।

इस झड़प में हवाई अड्डे से भागे 3 आरोपियों को बाद में सीमा शुल्क अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों की माने तो इस रैकेट में शामिल सरगना ने पिछले 2 वर्षों में 6-7 करोड़ रूपए का सामान तस्करी के लिए लाए जाने की बात कही गई थी। इस प्रकार तस्करी किए गए् सामान का कुल मूल्य 7.09 करोड़ रूपये बनता है।

 

यह भी पढ़ें: संभल हिंसा मामले में मुल्ला अफरोज को सुप्रीम कोर्ट से राहत: UP सरकार पर लगा 10 लाख का जुर्माना