बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने पुराने बयान को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के क्लाइमेक्स और उसमें दिखाए गए जौहर के प्रसंग पर सवाल उठाए थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अब स्वरा ने एक वीडियो जारी कर अपने बयान का संदर्भ स्पष्ट किया है।

मैंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा- स्वरा

अपने वीडियो में स्वरा भास्कर ने साफ किया कि उन्होंने कभी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को डरपोक या कायर नहीं बताया, उनका कहना है कि उनके बयान के एक हिस्से को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया और उसका गलत अनुवाद सोशल मीडिया पर फैलाया गया। स्वरा ने अपने वीडियो में अपनी कही बातों को हिंदी में समझाते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि लोग उनके शब्दों का वास्तविक अर्थ समझें, उन्होंने ट्रोल करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसी को उनकी बात समझ नहीं आई, तो गलत निष्कर्ष निकालने के बजाय उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने वास्तव में क्या कहा था। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि लोग उन्हें आलोचना या गाली देना चाहते हैं तो दें, लेकिन कम से कम उनके वास्तविक बयान के आधार पर प्रतिक्रिया दें।

‘पद्मावत’ के क्लाइमेक्स को लेकर क्या था स्वरा का सवाल?

स्वरा ने अपने पुराने बयान का संदर्भ बताते हुए कहा कि फिल्म का अंत देखने के बाद उनके मन में एक सवाल उठा था, उन्होंने इसे दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं की स्थिति से जोड़कर देखा था, उनका कहना था कि अगर कोई महिला यौन हिंसा का शिकार होती है, तो क्या उसे यह महसूस कराया जाना चाहिए कि उसने अपनी जान क्यों नहीं दे दी? स्वरा के मुताबिक, उनका सवाल किसी ऐतिहासिक चरित्र की बहादुरी या कायरता पर टिप्पणी करना नहीं था, बल्कि समाज में दुष्कर्म को लेकर मौजूद सोच पर था, उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि क्या ऐसी कहानी को इस तरह प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जिससे यह संदेश जाए कि किसी महिला की शारीरिक ‘पवित्रता’ उसके जीवन से अधिक महत्वपूर्ण है।

 
 
 
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दुष्कर्म पीड़िताओं के अधिकार पर उठाया सवाल

स्वरा ने अपने बयान में पूछा कि क्या दुष्कर्म का शिकार होने के बाद किसी महिला की जिंदगी खत्म मान ली जानी चाहिए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यौन हिंसा के बाद भी पीड़िता को सम्मान और अधिकार के साथ जीवन जीने का पूरा हक है। अभिनेत्री ने इस संदर्भ में निर्भया का उदाहरण भी दिया, उन्होंने कहा कि निर्भया ने आखिरी समय तक अपने हमलावरों के खिलाफ संघर्ष किया था। स्वरा ने अपनी बात इस संदेश के साथ खत्म की कि महिलाओं के अंदर जीने की इच्छा और उनके जीवन के महत्व को कभी कम करके नहीं आंकना चाहिए।

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सोशल मीडिया पोस्ट में भी दी सफाई

स्वरा ने वीडियो शेयर करते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट के कैप्शन में भी अपने रुख को दोहराया, उन्होंने कहा कि उनके वीडियो का एक हिस्सा वायरल हुआ है, लेकिन उसके साथ कथित तौर पर गलत और भ्रामक अनुवाद फैलाया जा रहा है। अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर कहने की बात नहीं कही थी। उन्होंने ऐसे आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि महिलाओं को यौन हिंसा का सामना करने के बाद भी जिंदगी आगे बढ़ाने का पूरा अधिकार है।

विवादों में रही थी ‘पद्मावत’

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ रिलीज से पहले ही बड़े विवाद में आ गई थी। फिल्म में इतिहास के कथित चित्रण को लेकर कई संगठनों ने विरोध जताया था। देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए और फिल्म की रिलीज रोकने की मांग भी उठी। विवाद के बीच फिल्म का नाम ‘पद्मावती’ से बदलकर ‘पद्मावत’ किया गया। तमाम विरोध और विवादों के बावजूद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और बड़ी व्यावसायिक सफलता हासिल की। आंकड़ों के मुताबिक, ‘पद्मावत’ ने दुनियाभर में 585 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था।