भारत में आरक्षण को लेकर जारी बहस के बीच बिहार की सियासत में भी बयानबाजी तेज हो गई है। आरक्षण सुधार आंदोलन के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। इसी बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव ने BJP और RSS पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने देश के महत्वपूर्ण संवैधानिक और प्रशासनिक पदों में SC, ST और OBC समुदायों की भागीदारी को लेकर सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि देश की करीब 90 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व कई अहम संस्थानों में बेहद कम नजर आता है।
'देश में SC-ST-OBC के 10 VC भी नहीं'
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि देशभर की यूनिवर्सिटीज में SC, ST और OBC समुदायों से आने वाले 10 वाइस चांसलर भी मुश्किल से मिलेंगे। इसी तरह उन्होंने केंद्र सरकार में इन वर्गों से जुड़े सचिव स्तर के अधिकारियों और हाई कोर्ट के जजों की संख्या पर भी सवाल उठाया। RJD नेता के मुताबिक, जिन क्षेत्रों में सीधे तौर पर आरक्षण लागू नहीं होता, वहां भी इन समुदायों की पर्याप्त भागीदारी दिखाई नहीं देती, उन्होंने सवाल किया कि अगर SC, ST और OBC वर्ग के लोगों को योग्य माना जाता है, तो उन्हें शीर्ष पदों और संस्थानों में पर्याप्त अवसर क्यों नहीं मिल रहे हैं?
'क्या VC बनने के लिए कोई परीक्षा होती है?'
तेजस्वी यादव ने कुलपति की नियुक्ति का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या विश्वविद्यालय का वाइस चांसलर बनने के लिए कोई प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की जाती है? उन्होंने तर्क दिया कि जिन पदों पर आरक्षण का प्रावधान नहीं है, वहां नियुक्तियों में सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा होनी चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से समानता और वंचित वर्गों के लिए आरक्षण का अधिकार सुनिश्चित किया था, उनका आरोप है कि BJP की नीतियों से इन वर्गों के लिए उपलब्ध अवसरों पर असर पड़ रहा है।
NDA के सहयोगी दलों पर भी साधा निशाना
आरक्षण के मुद्दे को लेकर तेजस्वी यादव ने BJP के साथ सत्ता में शामिल NDA के सहयोगी दलों को भी निशाने पर लिया, उन्होंने कहा कि आरक्षण पर NDA के भीतर नेताओं के अलग-अलग रुख सामने आते रहे हैं। तेजस्वी ने चिराग पासवान, नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के साथ-साथ अनुप्रिया पटेल, ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और रामदास आठवले जैसे नेताओं का नाम लेते हुए सवाल उठाया कि ये नेता वंचित वर्गों के हितों की राजनीति करने का दावा करते हैं, लेकिन BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा भी हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं और उनकी पार्टियों ने SC, ST और OBC समुदायों का समर्थन हासिल किया, लेकिन सत्ता में बने रहने के लिए BJP के साथ खड़े हैं।
'वंचित वर्गों के वोट लेकर BJP के साथ'
तेजस्वी यादव ने NDA के सहयोगी दलों पर और अधिक आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि कई नेता दलित और पिछड़े वर्गों के वोट लेकर BJP-RSS के साथ सत्ता में बैठे हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेताओं के लिए सामाजिक न्याय और आरक्षण से ज्यादा महत्वपूर्ण सत्ता में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखना है। तेजस्वी ने कहा कि आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर उनकी लड़ाई सामाजिक प्रतिनिधित्व और समान अवसर को लेकर है।