नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ के निर्माताओं के बीच कानूनी विवाद एक बार फिर चर्चा में है। दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म निर्माता अमित जानी की याचिका पर सलमान खान से जवाब मांगा है। निर्माता ने अदालत से सलमान के उस मुकदमे को खारिज करने की मांग की है, जिसमें अभिनेता ने फिल्म की रिलीज रोकने की गुहार लगाई है। याचिका में अदालत के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया गया है।
निर्माता ने क्यों उठाया दिल्ली हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर सवाल?
9 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने अमित जानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सलमान खान को नोटिस जारी किया। निर्माता की ओर से दलील दी गई कि न तो सलमान खान और न ही मामले के दूसरे पक्षकार दिल्ली हाई कोर्ट के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में रहते हैं या कारोबार करते हैं। निर्माता का कहना है कि फिल्म के टीजर, पोस्टर और प्रचार सामग्री का दिल्ली में उपलब्ध होना अपने आप में अदालत को इस मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं देता। उन्होंने सलमान के मुकदमे को खारिज करने के साथ ही आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग भी की है।
सलमान खान को फिल्म से क्या आपत्ति है?
सलमान खान ने फिल्म और उससे जुड़ी प्रचार सामग्री पर आपत्ति जताई है। अभिनेता का कहना है कि फिल्म की कहानी, प्रचार सामग्री और कुछ विशेषताओं के जरिए उन्हें पहचानने योग्य बनाया जा सकता है। उनके मुताबिक, फिल्म को उनके जीवन और 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जोड़कर पेश किया जा रहा है।
सलमान ने इसे अपने व्यक्तित्व अधिकारों और प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला बताया है। उनकी ओर से यह भी दलील दी गई है कि फिल्म की प्रस्तुति ऐसे मामलों पर लोगों की धारणा को प्रभावित कर सकती है, जो कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं।
पहले भी टीजर हटाने का आदेश दे चुका है कोर्ट
यह विवाद पहले भी दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच चुका है। 27 जुलाई को अदालत ने सलमान खान की आपत्ति के बाद फिल्म का टीजर और उससे संबंधित कुछ पोस्ट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने का अंतरिम आदेश दिया था। अदालत ने उस समय कहा था कि अभिनेता के नाम, हाव-भाव और उनकी पहचान से जुड़ी विशिष्ट विशेषताओं का बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, खासकर जब इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की आशंका हो।