Nahid Islam: शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे है। यहां तक की छोटी-छोटी बातों पर बांग्लादेश भारत के खिलाफ बयानबाजी करने में लगा हुआ है। इसी बीच अब बांग्लादेश की नेशनल सिटिजिन पार्टी के नेता नाहिद इस्लाम ने दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शन और सीजेपी का समर्थन किया है।
दरअसल नाहिद इस्लाम वहीं है, जिसने शेख हसीना के तख्तापलट में अहम भूमिका निभाई थी। इस बयान के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है कि क्या दिल्ली में हो प्रदर्शन में विदेशी शक्तियों का हाथ है। आईए समझते है कि क्या है इसके मायने।
सीजेपी के समर्थन में उतरा Nahid Islam
बांग्लादेश की नेशनल सिटिजिन पार्टी के नेता नाहिद इस्लाम ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "हम भारत के उन युवाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं जो चुनावी जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा कर रहे हैं।
नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, आयोजकों और पत्रकारों की हालिया हिरासत, साथ ही जंतर-मंतर पर इंटरनेट बंद करने और पाबंदियां लगाने जैसी घटनाएं सीधे तौर पर बुनियादी आज़ादी के लिए खतरा हैं। यह संघर्ष सिर्फ़ आपका नहीं है। ढाका से, हम आपके साथ एक दोस्त के तौर पर खड़े हैं"।
नाहिद इस्लाम ने हिंदुत्व का किया जिक्र
नाहिद ने आगे लिखा कि "दक्षिण एशिया का भविष्य हिंदुत्व-आधारित बहुसंख्यकवाद, फासीवाद या किसी भी तरह की धार्मिक श्रेष्ठता की भावना से तय नहीं होना चाहिए। हम भारत में भी तानाशाही, सांप्रदायिक नफ़रत और राजनीतिक असहिष्णुता को उसी तरह नकारते हैं, जैसे हम बांग्लादेश में इन्हें नकारते हैं। हमारा साझा भविष्य धर्म, जाति, लिंग या वर्ग से ऊपर उठकर सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक न्याय पर आधारित होना चाहिए। कोई भी समाज तब तक सचमुच लोकतांत्रिक नहीं हो सकता जब तक कि अल्पसंख्यक डर के साये में जी रहे हों, असहमति को अपराध माना जाए और नागरिकता पहचान पर निर्भर हो।
हम भारतीय अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने के अधिकार का सम्मान करें; विरोध प्रदर्शन के आयोजकों को हिरासत में लेने के कारणों और उनके ठिकाने के बारे में जानकारी दें। अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने के कारण हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करें। और यह सुनिश्चित करें कि पत्रकार बिना किसी डरावे या उपकरण ज़ब्त किए जाने के डर के बिना रिपोर्टिंग कर सकें"।
उमर खालिद, शरजील इमाम का किया जिक्र
शरजील इमाम और उमर खालिद का जिक्र करते हुए नाहिद ने लिखा, "आज, कई युवा नेताओं को गलत तरीके से हिरासत में रखा गया है। शरजील इमाम और उमर खालिद को बिना किसी मुकदमे के सालों से जेल में रखा गया है। हम भारत के सभी युवा प्रदर्शनकारियों और ज़मीर की आवाज़ उठाने वाले कैदियों को अपना साथी मानते हैं। उनका साहस पूरे दक्षिण एशिया के युवाओं को प्रेरित करता है।
हमारे संघर्ष आपस में जुड़े हुए हैं, इनमें सीमा पर होने वाली हत्याओं, पानी के बंटवारे, पर्यावरण की सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता जैसे अनसुलझे मुद्दे शामिल हैं। हम एक ऐसे दक्षिण एशिया की कामना करते हैं जहाँ देश एक-दूसरे को बराबरी का दर्जा दें, सरकारें जवाबदेह हों और संप्रभुता का इस्तेमाल कभी भी दूसरों पर हावी होने के बहाने के तौर पर न किया जाए।
भारत के लोकतांत्रिक लोगों से ढाका से और हमारी 'जुलाई पीढ़ी' की अधूरी लोकतांत्रिक आकांक्षाओं की ओर से, हम आपके साथ खड़े हैं। मज़बूती से डटे रहें, एक-दूसरे की रक्षा करें, सांप्रदायिक नफ़रत को नकारें और दक्षिण एशिया के भविष्य को फासीवाद और बंटवारे के हवाले करने से इनकार करें। इंकलाब ज़िंदाबाद"।