US-Iran War: अमेरिका के आगे ईरान झुकने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को तबाह करने की धमकी दे रहे है, लेकिन ईरान अपने बयान पर पूरी तरह से कायम है। दोनों देशों के बीच फरवरी से ही हमले जारी है। आलम यह है कि ट्रंप की तरफ से ईरान को पूरी तरह से तबाह करने की धमकी दे दी गई है।

लेकिन अगर जमीनी स्तर पर देखे तो ईरान अमेरिका को लगातार टक्कर देता रहा है। एक बार फिर ईरानी राष्ट्रपति ने यूएस को आंख दिखाई है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़े सभी जरूरी अपडेट्स

ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को दिखाई आंख

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका को जवाब देते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि "सरकार ने इन खास हालात से निपटने के लिए एक नई व्यवस्था अपनाई है। हाल के महीनों में दुश्मन की योजना ईरान के नेक लोगों पर दबाव बनाने के मकसद से देश की अहम जीवन-रेखाओं को काटने की रही है।

आर्थिक दबाव बढ़ा है, लेकिन ईश्वर की कृपा से, लोगों के सहयोग और सरकार में हमारे साथियों द्वारा उठाए गए कदमों की बदौलत, हमने आर्थिक युद्ध में दुश्मन के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया है"।

मालूम हो कि ट्रंप अपने संबोधन में कई बार कह चुके है कि ईरान पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है और आर्थिक स्थिति पूरी तरह खराब हो चुकी है। माना जा रहा है कि उनके इस बयान पर ईरानी राष्ट्रपति ने पलटवार किया है।

भीषण युद्ध का मंडराया खतरा

अमेरिका की तरफ से ईरान पर कई बार हमले किए जा चुके है। जिसके जवाब में ईरान की तरफ से अमेरिकी ठिकानों पर जबरदस्त बमबारी की गई थी। अब ट्रंप की धमकी के बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या आने वाले कुछ दिनों में हमे भीषण युद्ध देखने को मिल सकता है।

अगर इस बार युद्ध होता है तो अमेरिका की तरफ से ईरान पर यह आखिरी हमला हो सकता है क्योंकि अमेरिका अपने सैनिकों के साथ युद्धपोत मिडिल ईस्ट भेज रहा है।

दुनिया पर युद्ध का क्या होगा असर?

अगर US-Iran War होता है तो इसका असर कई देशों पर पड़ सकता है। क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान के इलाके में आता है तो युद्ध के बीच ईरान पूरी तरह से होर्मुज को बंद कर सकता है। ऐसा होते ही बड़ी संख्या में जहाज फंस जाएंगे और कई देशों में आपूर्ति बाधित हो जाएगी।

इसके बाद एनर्जी संकट गहराने लगेगा और महंगाई सातवें आसमान पर होगा। यानि यह तो साफ है कि युद्ध का असर केवल मिडिल ईस्ट ही नहीं दुनिया के कई देशों पर पड़ेगा।