US-Iran War: मीडिल ईस्ट में लगातार उठापटक जारी है। एक तरफ अमेरिका और ईरान के युद्ध रूकने का नाम नहीं ले रहा है तो वहीं दूसरी तरफ हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच लगातार टेंशन जारी है। इसके अलावा पिछले 72 घंटों के अंदर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 5 जहाजों पर हमले किए जा चुके है।

मालूम हो कि होर्मुज से ही दुनिया के कई देशों में कच्चा तेल, एलपीजी और अन्य गैस उसी रूट से पहुंचते है। इन सबके बीच अब कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

यूएस ईरान के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

मालूम हो कि बीते कई दिनों से कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मालूम हो कि पिछले दो दिनों से ट्रंप लगातार ईरान पर हमले की धमकी दे रहे है।

यही कारण है कि एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। मालूम हो कि ब्रेंट क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि अगर स्थिति ऐसी ही रहती है तो कई देशों में एनर्जी संकट गहरा सकता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ा तनाव

बताते चले कि होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हमले किए जा रहे है। ताजा अपडेट के मुताबिक बीते 72 घंटों में 5 जहाजों पर मिसाइल से हमले किए गए है। जिसके बाद तनाव और बढ़ गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस जहाज पर हमला हुआ था उसपर कुवैत का झंडा लगा था। जहाज पर कई भारतीय नागरिक शामिल थे। जिनको सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस हमले के बाद एक बार फिर होर्मुज में टेंशन बढ़ गई है।  बताते चले कि होर्मुज में काफी हद तक ईरान का कब्जा है।

मिडिल ईस्ट में मंडराया संकट

गौरतलब है कि अमेरिका ईरान युद्ध के बीच हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच भी जंग छिड़ गई है। हूती विद्रोही लगातार सऊद अरब के इलाकों में हमले कर रहे है। जानकारी के मुताबिक सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना पर भी हूती विद्रोहियों ने ड्रोन से अटैक किया। इसके जवाब में सऊदी अरब भीषण हमले की तैयारी कर रही है।