US-Iran War: मिडिल ईस्ट में स्थिति चिंताजनक होती जा रही है, जिसने दुनिया के कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मं जहाजों पर हमले कम होने के नाम नहीं ले रहे है, तो वहीं दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

होर्मुज एक महत्वपूर्ण समुद्री मांग है, जहां से कई देशों में कच्चा तेल, एलपीजी और अन्य नेचुरल गैस के जहाज होकर गुजरते है। इजरायल ने भी अपने सैनिकों को तैयार रहने के लिए कहा है। जिसके बाद से ही कई चर्चाएं शुरू हो गई है।

US-Iran War में इजरायल की एंट्री

खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिका और इज़राइल में चुनाव खत्म होने से पहले ईरान के खिलाफ़ एक नया बड़ा ऑपरेशन शुरू करने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू ने अपने सैनिकों को तैयार रहने के लिए कहा है।

दोनों नेताओं के बीच असहमति के बावजूद, अमेरिकी और इज़राइली सेनाएँ अलर्ट पर हैं और अगर ट्रंप अपना मन बदलते हैं, तो उसके लिए तैयार रहने की अपनी तैयारियों को पूरा कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईरान पर बड़े हमले हो सकते है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव, समुद्री जहाजों पर बढ़ते हमलों और तेल की आवाजाही में आई गिरावट ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नौसेना ने यह भी दावा किया कि एक मालवाहक जहाज समुद्री बारूदी सुरंग की चपेट में आने के बाद डूब गया।

कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उलटफेर

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक कच्चा तेल 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में तनाव ऐसे ही बढ़ता है, तो कई देशों में एनर्जी संकट गहरा सकता है।

भारत की बात करें तो देश में त्योहार का सीजन शुरू हो चुका है, अगर कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है, तो पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। नायरा एनर्जी ने पहले ही दामों में बढ़ोतरी कर दी है, साथ ही खाने पीने की चीजें भी महंगी हो जाएंगी।