नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान तेहरान के जिस अस्पताल में मोजतबा खामेनेई को इलाज के लिए ले जाया गया था, वह भी हमले की चपेट में आ गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्हें अस्पताल के मलबे से बाहर निकाला गया था।
बता दें कि यह दावा ईरान की Assembly of Experts के सदस्य मोहसिन हैदरी ने कतर के टीवी नेटवर्क Al Araby को दिए इंटरव्यू में किया। हैदरी के मुताबिक, घायल होने के बाद मोजतबा खामेनेई को अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद तेहरान के तीन अस्पतालों पर हमले हुए। हैदरी ने बताया कि मोजतबा खामेनेई तीसरे अस्पताल में मौजूद थे, जिसे भी निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक, हमले के बाद मोजतबा खामेनेई को मलबे से बाहर निकाला गया।
कैसे चुने गए मोजतबा खामेनेई?
रिपोर्ट के अनुसार, हैदरी ने मोजतबा खामेनेई के सर्वोच्च नेता चुने जाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 मार्च को Assembly of Experts की बैठक में नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया हुई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई को खुद इस बात की जानकारी नहीं थी कि उन्हें चुना जा चुका है। उन्हें कथित तौर पर ईरानी सरकारी टेलीविजन पर घोषणा प्रसारित होने के बाद इसकी जानकारी मिली।
हैदरी के मुताबिक, Assembly of Experts का क़ोम स्थित सचिवालय भी हमले की चपेट में आया था। इसमें आठ लोगों की मौत और नए सर्वोच्च नेता के चयन से जुड़े दस्तावेजों के नष्ट होने का दावा किया गया है। इसके बाद सदस्यों ने कागज पर अपने वोट लिखे और एक गुप्त कमरे में चयन प्रक्रिया पूरी की।
59 में से 50 वोट मिलने का दावा
हैदरी के अनुसार, बैठक में मोजतबा खामेनेई के नाम को 59 में से 50 वोट मिले। वहीं अयातुल्ला अलीरेज़ा अराफी को आठ वोट मिले और एक सदस्य ने मतदान से दूरी बनाई। हैदरी ने मोजतबा खामेनेई को 'मैन ऑफ द शैडोज' भी बताया। उनके मुताबिक, सर्वोच्च नेता बनने से पहले मोजतबा ने ईरानी सरकार में कोई औपचारिक राजनीतिक पद नहीं संभाला था, हालांकि वह अपने पिता के सलाहकार के तौर पर काम कर चुके थे।
मोजतबा की सेहत को लेकर अलग-अलग दावे
मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया आकलनों में उनके हमलों में गंभीर रूप से घायल होने और चेहरे पर गंभीर चोट लगने की बात कही गई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने कहा था कि उन्हें लगता है कि मोजतबा खामेनेई की मौत नहीं हुई है, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हुए थे।
दूसरी ओर, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने Fox News को दिए इंटरव्यू में मोजतबा खामेनेई को पूरी तरह स्वस्थ बताया। पेजेशकियन ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच करीब सात घंटे तक मुलाकात और बातचीत हुई थी। मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर जारी रहस्य के बीच अस्पताल पर हमले और मलबे से निकाले जाने का यह दावा उनकी स्थिति को लेकर चर्चा को और बढ़ाता है।