Pakistan: पड़ोसी मुल्क में रह रहे लोगों की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। आलम यह है को लोग दाने-दाने के लिए मोहताज है। महंगाई की मार से पूरी आवाम त्रस्त है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक बढ़ती महंगाई, गरीबी और कम होती खरीद-क्षमता के कारण रावलपिंडी में फुटपाथ, सड़क के किनारे और सार्वजनिक जगहों पर रात बिताने वाले मजदूरों और दिहाड़ी मजदूरों की संख्या बढ़ गई है।
दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार आवाम पर जुल्म कर रही है। प्रदर्शनकारियों पर गोलियां तक चलाई जा रही है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
दाने-दाने के लिए तरसती पाकिस्तानी आवाम
पाकिस्तान में महंगाई सातवें आसमान पर पहुंच चुकी है। स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। इसी बीच एक रिपोर्ट ने शहबाज सरकार की पूरी तरह से पोल खोल कर रख दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक महंगाई, गरीबी और कम होती खरीद-क्षमता का आलम यह है कि मजदूर बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बाद बहुत कम पैसे बचने के कारण सड़कों और फुटपाथ पर दिहाड़ी मजदूर सोने के लिए मजबूर हो गए है। क्योंकि इतने पैसे में घर किराए पर लेना मुश्किल हो जा रहा है।
जरूरी सामान लेना हुआ मुश्किल
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बड़ा उछाल आया। शहरी इलाकों में प्याज की कीमत सालाना आधार पर 125.48 फीसदी बढ़ी, जबकि गेहूं की कीमत में करीब 41 फीसदी और गेहूं के आटे में करीब 31.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
इसके अलावा फलों, मांस, दूध और खाने के तेल जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। यानि यह तो साफ है कि महंगाई की मार से आवाम पूरी तरह से त्रस्त है।
पेट्रोल -डीजल खरीदना हुआ मुश्किल
जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में पेट्रोल 390 पाकिस्तानी रूपये के पार पहुंच चुका है। वहीं डीजल का रेट 400 पाकिस्तानी रूपये के पार पहुंच चुका है। लाजमी है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से खाने-पीने से लेकर सभी जरूरी चीजें महंगी होती जा रही है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम जनता पर ही हुआ है।