Pakistan: स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) 2026 में पाकिस्तान 25.5 के स्कोर के साथ दक्षिण एशिया में दूसरे सबसे खराब स्थान पर है। इस सूची में पाकिस्तान केवल अफगानिस्तान से पीछे है, जो देश में बढ़ती खाद्य असुरक्षा और कुपोषण की गंभीर चुनौतियों को दर्शाता है। पाकिस्तान के प्रमुख समाचार नेटवर्क 'जियो न्यूज़' ने GHI की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के हवाले से बताया, "2026 के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 25.5 के स्कोर के साथ, पाकिस्तान में भुखमरी का स्तर गंभीर है।"

आर्थिक संकट और महंगाई ने बढ़ाई मुश्किलें

पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक अस्थिरता और महंगाई जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। जब खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ती हैं और परिवारों की आमदनी उसी अनुपात में नहीं बढ़ती, तो सबसे पहले उनके भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

कम आय वाले परिवार कई बार दूध, फल, सब्जियां और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों की खपत कम करने को मजबूर हो जाते हैं। इसका असर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य कमजोर वर्गों पर अधिक पड़ सकता है।

हालांकि, भुखमरी के स्तर को केवल महंगाई से नहीं समझा जा सकता। खाद्य आपूर्ति, रोजगार, कृषि उत्पादन, सरकारी सहायता और स्वास्थ्य सुविधाएं भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं।

पाकिस्तान ने हासिल किया नया कीर्तिमान

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक रिपोर्ट में पाकिस्तान को दुनिया के उन 10 सबसे कमज़ोर देशों में शामिल किया गया, जहाँ गंभीर खाद्य असुरक्षा सबसे ज़्यादा है। पाकिस्तानी अख़बार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, '2026 ग्लोबल रिपोर्ट ऑन फ़ूड क्राइसिस' में पाकिस्तान को अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश, कांगो, म्यांमार, नाइजीरिया, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरिया और यमन के साथ गंभीर भुखमरी वाले मुख्य केंद्रों में रखा गया है।


रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान उन 10 देशों में भी शामिल है, जिन्होंने 2025 में सबसे बड़े खाद्य संकट का सामना किया, यहाँ लगभग 1.1 करोड़ (11 मिलियन) लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे हैं। 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में प्रभावित लोगों में से 93 लाख (9.3 मिलियन) लोग "संकट" (crisis) की स्थिति में हैं, जबकि 17 लाख (1.7 मिलियन) लोग "आपातकालीन" स्थिति में हैं। ये दोनों श्रेणियाँ अकाल से ठीक पहले की सबसे गंभीर स्थितियाँ हैं।