मोरक्को की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। फातिमा एज़्जहरा एल मंसूरी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी हैं। 29 सितंबर 2026 को किंग मोहम्मद VI ने उन्हें सरकार का प्रमुख नियुक्त किया। इसके साथ ही मंसूरी ने मोरक्को की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद अब उनके सामने नई सरकार बनाने और देश की प्रमुख चुनौतियों से निपटने की जिम्मेदारी है।
कौन हैं फातिमा मंसूरी?
फातिमा एज़्जहरा एल मंसूरी का जन्म 1976 में माराकेश में हुआ था। उन्होंने कानून की पढ़ाई की और इसके बाद वकालत के क्षेत्र में काम किया। राजनीति में आने के बाद उनका जुड़ाव Authenticity and Modernity Party (PAM) से हुआ। धीरे-धीरे पार्टी में उनकी भूमिका मजबूत होती गई और वह राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख चेहरा बनकर उभरीं।
मंसूरी के राजनीतिक सफर की शुरुआत स्थानीय राजनीति से हुई। 2009 में वह माराकेश की मेयर चुनी गईं और इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला बनीं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी जगह बनाई। वह संसद सदस्य रहीं और बाद में केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
मंत्री के तौर पर भी निभाई जिम्मेदारी
अक्टूबर 2021 में मंसूरी को नेशनल टेरिटरी प्लानिंग, हाउसिंग और अर्बन पॉलिसी से जुड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। इस दौरान आवास, शहरी विकास और भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास जैसे मुद्दे उनके काम के केंद्र में रहे।
अब प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के पीछे हालिया चुनाव भी अहम रहा। 23 सितंबर 2026 के संसदीय चुनाव में PAM को 395 सदस्यीय सदन में 97 सीटें मिलीं। मोरक्को के संवैधानिक प्रावधानों के तहत सबसे अधिक सीटें जीतने वाली पार्टी से सरकार के प्रमुख की नियुक्ति की जाती है। इसी के बाद मंसूरी को प्रधानमंत्री बनाया गया।
अब क्या है चुनौती?
PAM के पास अकेले बहुमत नहीं है। ऐसे में मंसूरी को सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन करना होगा। उनके सामने रोजगार, महंगाई, वेतन और आर्थिक विकास जैसे मुद्दे भी अहम रहेंगे। इसके अलावा 2030 FIFA World Cup की तैयारियां भी मोरक्को के एजेंडे में हैं।
फातिमा मंसूरी का मेयर से मंत्री और फिर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री तक पहुंचना मोरक्को की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।