विदेश
ईरान-युद्ध के बीच अमेरिका की बढ़ी टेंशन, क्या इजराइल कर रहा है उसकी जासूसी?
अमेरिका और इजराइल को दुनिया के सबसे मजबूत और करीबी सहयोगियों में गिना जाता है। दोनों देशों के बीच दशकों से रक्षा,सुरक्षा और खुफिया सहयोग के मजबूत संबंध रहे हैं। हालांकि,हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने इन संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अमेरिका और इजराइल को दुनिया के सबसे मजबूत और करीबी सहयोगियों में गिना जाता है। दोनों देशों के बीच दशकों से रक्षा,सुरक्षा और खुफिया सहयोग के मजबूत संबंध रहे हैं। हालांकि,हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने इन संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा और खुफिया एजेंसियां इजराइल को संभावित जासूसी खतरे के रूप में देख रही हैं और इसी कारण अमेरिकी अधिकारी इजराइल की यात्राओं के दौरान विशेष सुरक्षा उपाय अपनाते हैं।
अमेरिकी अधिकारियों को इजराइल पर जासूसी का शक
एक रिपोर्ट के अनुसार,अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन और उसकी खुफिया शाखा डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) ने इजराइल से जुड़े खुफिया जोखिमों का नया आकलन तैयार किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि DIA ने इजराइल के लिए खतरे का स्तर बढ़ाकर क्रिटिकल यानी अत्यंत गंभीर श्रेणी में रखा है। अमेरिकी अधिकारियों को आशंका है कि इजराइल, ईरान से जुड़े संघर्ष और अमेरिकी रणनीतियों पर होने वाली आंतरिक चर्चाओं की जानकारी हासिल करने का प्रयास कर सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत के बारे जानना चाहता था इजरायल
हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम तथा कूटनीतिक वार्ताओं को लेकर कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई थीं। दावा किया गया है कि इजराइल को इन वार्ताओं की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही थी,जिसके चलते उसने क्षेत्रीय नेताओं और राजनयिक माध्यमों से जानकारी जुटाने की कोशिश की। हालांकि,इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने रिपोर्ट को बताया भ्रामक
दूसरी ओर,व्हाइट हाउस और इजराइल दोनों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इजराइली दूतावास ने स्पष्ट कहा है कि इजराइल अमेरिकी सरकारी संस्थानों या अधिकारियों की जासूसी नहीं करता। वहीं व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने रिपोर्ट को तथ्यहीन और भ्रामक बताया है।
अमेरिकी अधिकारी बर्नर फोन और क्लीन लैपटॉप क्यों करते है इस्तेमाल
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई अमेरिकी अधिकारी इजराइल दौरे के दौरान बर्नर फोन और क्लीन लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं, ताकि संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखी जा सके। उन्हें होटल के कमरों में गोपनीय बातचीत करने से भी बचने की सलाह दी जाती है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, इजराइल को खुफिया जानकारी जुटाने में बेहद सक्रिय और सक्षम माना जाता है,इसलिए अतिरिक्त सुरक्षा सावधानियां बरती जाती हैं।
रिपोर्ट में किए गए कई खुलासे
रिपोर्ट में अतीत के चर्चित मामलों का भी उल्लेख किया गया है,जिनमें 1980 के दशक का जोनाथन पोलार्ड जासूसी मामला और 2013 में एडवर्ड स्नोडेन के खुलासे शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मित्र देशों के बीच भी खुफिया जानकारी जुटाने की गतिविधियां असामान्य नहीं हैं,लेकिन इस रिपोर्ट ने अमेरिका-इजराइल संबंधों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
Written By: Geeta Sharma
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।