अमेठी: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए विधायक अभय सिंह ने राम मंदिर और रामचरितमानस के मुद्दे पर सपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जो भी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम या देश का विरोध करेगा, वह उसका विरोध करेंगे। वहीं, पूर्व सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भी पार्टी नेतृत्व पर अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन को लेकर नेताओं को रोके जाने का आरोप लगाया है।

अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने बुधवार को अमेठी में बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद ANI से बातचीत में ये बातें कहीं। उनके साथ राकेश प्रताप सिंह भी बीजेपी में शामिल हुए हैं।

रामचरितमानस विवाद पर अभय सिंह ने सपा को घेरा

अभय सिंह ने 2023 में रामचरितमानस के पन्ने फाड़े जाने और जलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए सपा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में पार्टी की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई और लोगों को सम्मान प्रकट करने से भी रोका गया।

अभय सिंह ने कहा, "हम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम या देश का विरोध करने वाले हर व्यक्ति का विरोध करेंगे।"

उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के जरिए भगवान राम की कथा को हिंदी और अवधी में आम लोगों तक पहुंचाया। उनके मुताबिक, रामचरितमानस के पन्ने फाड़ने और जलाने जैसी घटनाएं गलत हैं।

क्या था 2023 का रामचरितमानस विवाद?

जनवरी 2023 में सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस के कुछ अंशों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन अंशों में दलितों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों सहित समाज के बड़े हिस्से का अपमान किया गया है।

इसी विवाद के बीच लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर में रामचरितमानस के पन्ने फाड़ने और उन्हें जलाने के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

अभय सिंह ने इसी घटना का उल्लेख करते हुए सपा के रुख पर सवाल उठाए। उनके बयान के बाद रामचरितमानस विवाद और उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक मुद्दों को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

विनोद चतुर्वेदी का दावा- राम मंदिर जाने से रोका गया

कालपी के पूर्व सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भी पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के समय विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में कहा था कि जो विधायक दर्शन करना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। हालांकि, चतुर्वेदी के मुताबिक, सपा के शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी नेताओं को मंदिर जाने से मना कर दिया था।

उन्होंने कहा कि इस निर्देश से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची। चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हुए विकास कार्यों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि जनता विकास चाहती है और विधायक इसी उद्देश्य से चुने जाते हैं। उनके मुताबिक, वह ऐसी सरकार के साथ खड़े हैं जिसने विकास कार्य किए हैं।

2027 चुनाव से पहले सपा से बीजेपी में आए तीन विधायक

बुधवार को अमेठी में राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी बीजेपी में शामिल हुए। इस दौरान उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने तीनों नेताओं का स्वागत किया और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

चौधरी ने दावा किया कि सपा के कई नेता कथित तौर पर तुष्टिकरण और जाति आधारित राजनीति से असहज हैं और पार्टी छोड़ने का रास्ता तलाश रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से प्रदेश की जनता की भावनाओं और जनादेश को समझने के लिए आत्ममंथन करने को भी कहा।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के दल बदलने और राम मंदिर, रामचरितमानस तथा विकास जैसे मुद्दों पर दिए जा रहे बयानों से बीजेपी और सपा के बीच राजनीतिक मुकाबला और चर्चा में आ गया है।

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