Matera Assembly Seat Ground Report: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तारीखें नजदीक आनें लगी है,इसी बीच प्रदेश के लोगों की नब्ज टटोलते हुए हमारी TNP News के खास कार्यक्रम '27 की सत्ता' की टीम जमीनी हकीकत जानने पहुंची है बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा सीट पर। हमारी इस खास 'ग्राउंड जीरो' रिपोर्ट में जानिए 'मटेरा' के लोगों की राय

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा सीट प्रदेश की चर्चित मुस्लिम बहुल सीटों में गिनी जाती है। इस सीट पर समाजवादी पार्टी के यासर शाह लगातार दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं। 2012 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने 2017 में भी सीट बरकरार रखी थी। अब सवाल यह है कि क्या पूर्व मंत्री यासर शाह तीसरी बार भी इस सीट पर जीत दर्ज कर पाएंगे?

परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी मटेरा सीट

मटेरा विधानसभा सीट का गठन वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद हुआ था। इससे पहले यह इलाका चरदा विधानसभा सीट का हिस्सा था। चरदा सीट खत्म होने के बाद 2012 में पहली बार यहां विधानसभा चुनाव कराया गया।मटेरा कस्बा पहले रिसिया विकास खंड और नानपारा तहसील क्षेत्र के हिस्से के रूप में जाना जाता था। यहां से गुजरने वाली मीटर गेज रेल लाइन और पुराना रेलवे स्टेशन इस क्षेत्र की पहचान रहे हैं।

पहली बार विधायक बने थे यासर शाह

2012 के पहले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. वकार अहमद शाह के बेटे यासर शाह को उम्मीदवार बनाया। यासर शाह ने पहली ही बार में जीत दर्ज की और बाद में अखिलेश यादव सरकार में मंत्री भी बने।

2017 में भी कायम रहा सपा का दबदबा

2017 के विधानसभा चुनाव में जब प्रदेश में भाजपा की मजबूत लहर थी, तब भी यासर शाह अपनी सीट बचाने में सफल रहे। उन्होंने भाजपा और बसपा दोनों उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए लगातार दूसरी बार मटेरा सीट अपने नाम की। वहीं 2022 में समाजवादी पार्टी की मारिया शाह ने भारतीय जनता पार्टी केउम्मीदवार अरुण वीर सिंह को करीब 10,428 से हराया था। इस जीत ने मटेरा को समाजवादी पार्टी के मजबूत गढ़ों में शामिल कर दिया।

मुस्लिम और ओबीसी वोटर निभाते हैं अहम भूमिका

मटेरा विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरण काफी अहम माने जाते हैं। यहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी मानी जाती है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के वोटर भी चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डालते हैं।इसी वजह से इस सीट पर उम्मीदवारों के साथ-साथ जातीय और सामाजिक समीकरण भी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विकास बनाम विपक्ष के आरोप

समाजवादी पार्टी के लोगों का कहना है कि उन्होंने सड़क निर्माण, पॉलीटेक्निक कॉलेज और बिजली व्यवस्था में सुधार जैसे कई विकास कार्य कराए हैं।हालांकि विपक्षी दल उनके इन दावों से सहमत नहीं हैं। विपक्ष का आरोप है कि विकास को लेकर किए जा रहे दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते हमारी बातचीत में कुछ लोगों ने कहा कि समाजवादी पार्टी में यहां कोई काम नहीं हुआ है,बहुत सारे लोगों के पास आवास जैसी सुविधाएं नहीं है वहीं बहुत सारे लोगों ने कहा कि हम समाजवादी पार्टी के कार्यों से पुरी तरह संतुष्ट हैं और इस बार भी सपा को ही वोट करेंगे।