UP Election 2027: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। पार्टी प्रमुख मायावती ने बुधवार को अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कोऑर्डिनेटर) नियुक्त कर दिया। इससे पहले यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके बड़े भाई आकाश आनंद के पास थी।

लखनऊ में हुई बसपा की राष्ट्रीय स्तर की बैठक के दौरान ईशान आनंद ने मायावती के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्हें पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने का ऐलान किया गया। यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब बसपा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी है।

पहले हटाए गए थे आकाश आनंद
मायावती ने सितंबर में आकाश आनंद को पार्टी की प्रमुख जिम्मेदारियों से हटाया था और बाद में उन्हें पार्टी से भी बाहर कर दिया गया। इसके बाद ईशान आनंद को पार्टी में वापस लाने और उन्हें जिम्मेदारी देने के संकेत दिए गए थे। 20 सितंबर को मायावती ने कहा था कि ईशान को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाएगी।

हालांकि, ईशान की राजनीतिक भूमिका अब तक आकाश आनंद की तुलना में अपेक्षाकृत पर्दे के पीछे रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वह डिजिटल मीडिया, युवा संगठन और तकनीकी रणनीति से जुड़े कामों में सक्रिय रहे हैं। अब राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर उनकी भूमिका संगठन के स्तर पर और महत्वपूर्ण हो गई है।

यूपी समेत इन राज्यों पर नजर
बसपा की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो रही हैं। मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं और घोषित प्रत्याशियों के साथ बैठक कर संगठन और चुनावी तैयारियों पर चर्चा की। ईशान आनंद के सामने अब राज्यों के पदाधिकारियों और संगठन के साथ समन्वय बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के कामकाज और आगामी चुनावों से जुड़े संगठनात्मक फैसलों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

ईशान ने मायावती का जताया आभार
राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद ईशान आनंद ने मायावती का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम समेत बहुजन समाज के संतों, गुरुओं और महापुरुषों को नमन किया।

ईशान ने कहा कि वह पार्टी के सभी साथियों को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाने में वह उन्हें निराश नहीं करेंगे। बसपा में पिछले कुछ हफ्तों में हुए लगातार संगठनात्मक बदलावों के बीच ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने से पार्टी की आगे की रणनीति और संगठन में उनकी भूमिका पर अब विशेष नजर रहेगी।