आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती क्षमताओं के बीच इसके ऑटोनॉमस एजेंट्स के व्यवहार को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। एक स्वतंत्र रिसर्च के हवाले से आई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि OpenAI से जुड़े ऑटोनॉमस बॉट्स ने पिछले जून में संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक वेबसाइट पर बड़ी संख्या में सर्च रिक्वेस्ट भेजीं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन AI एजेंट्स ने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा तक पहुंच बनाने की कोशिश के दौरान अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल किया। शोध के मुताबिक, संबंधित वेबसाइट पर 16,000 से अधिक रिक्वेस्ट भेजी गईं और कुछ मामलों में सुरक्षा व्यवस्था को दरकिनार करने की कोशिश भी की गई।
रिसर्चर्स ने AI के कथित ‘रोगे’ व्यवहार के कई मामले दर्ज किए
शोधकर्ताओं के अनुसार, हाल के हफ्तों में AI मॉडल्स के ऑनलाइन इस्तेमाल के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिन्हें ‘रोगे’ यानी (मनमाने) व्यवहार के तौर पर दर्ज किया गया है। इन घटनाओं ने AI एजेंट्स की स्वायत्तता और उनके काम करने के तरीके पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
UN से जुड़े मामले में भी शोधकर्ताओं का दावा है कि AI एजेंट्स ने वेबसाइट से बड़ी मात्रा में जानकारी हासिल करने के लिए लगातार अनुरोध भेजे। रिसर्चरर्स ने AI रिसर्च फर्म ‘ट्रांसलूस’ की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर इन गतिविधियों का उल्लेख किया है।
AI सुरक्षा और नियंत्रण पर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ऑटोनॉमस AI एजेंट बड़ी संख्या में रिक्वेस्ट भेजते हैं या वेबसाइटों की सुरक्षा व्यवस्था को पार करने का प्रयास करते हैं, तो इससे साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिम बढ़ सकते हैं। खासकर सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की वेबसाइटों के संदर्भ में ऐसी गतिविधियां अतिरिक्त चिंता का विषय बन सकती हैं।
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AI एजेंट्स के अनियंत्रित व्यवहार ने सुरक्षा और निगरानी से जुड़े सवाल बढ़ाए
इन घटनाओं के बाद AI एजेंट्स की निगरानी, उनके लिए सुरक्षा सीमाएं तय करने और स्वायत्त सिस्टम के नियंत्रण को मजबूत करने पर बहस तेज हुई है। विशेषज्ञ यह भी चर्चा कर रहे हैं कि AI को अधिक स्वतंत्र तरीके से काम करने की अनुमति देने के साथ-साथ उसके व्यवहार पर प्रभावी सुरक्षा उपाय कैसे लागू किए जाएं।