Blue Drum Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड मामले में आज फैसला आएगा। पूर्व में इस मामले में आदालत ने मुख्य आरोपी राहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई थी, जबकि सह-आरोपी और मृतक की पत्नी मुस्कान रसतोगी को आजीवन कारावास की सजा दी थी। आज इस हत्याकांड मामले में जिला जज की अदालत अंतिम फैसला सुनाएगी। मामले में अदालत पहले यह तय करेगी कि मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के आरोपी मुस्कान और साहिल दोषी हैं या नहीं?
अगर दोनों दोषी पाए जाते हैं तो इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। क्योंकि मृतक की पत्नी एक बच्चे की मां भी है, ऐसे में देखना यह होगा कि क्या कोर्ट मुस्कान की सजा में बच्चे की परवरिश के आधार पर रियायत दिखाएगा, या फिर इस हत्याकांड में न्यायपूर्ण तरीके से फैसला सुनाया जाएगा?
5 मार्च 2025 को लापता हुआ था सौरभ
साल 2016 में इंद्रानगर निवासी बबलू के भाई सौरभ राजपूत की लव मैरिज उनके घर के सामने रहने वाली मुस्कान के साथ हुई थी। साल 2019 में मुस्कान की मुलाकात साहिल शुक्ला से हुई। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। 18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई बबलू ने ब्रह्मपुरी थाने में केस दर्ज करवाया। जिसमें उसने बताया कि उनका भाई सौरभ कई बार अपनी पत्नी मुस्कान और साहिल से जान का खतरा होने की बात कहता था।
सौरभ 5 मार्च 2025 को एक दिन अचानक से लापता हो गया। ओमपाल नाम के एक शख्स के यहां सौरभ किराए पर रहता था। पुलिस जब सौरभ की तलाश में वहां पहुंची तो दरवाजे पर ताला लगा मिला। बबलू ने पुलिस से मुस्कान और साहिल पर अपने भाई सौरभ की हत्या करने की आशंका जताते हुए उसकी तलाश करने की बात कही।
पति की हत्या कर प्रेमी के साथ गई थी घूमने
पुलिस तलाशी के दौरान नीले ड्रम तक पहुंची। 18 मार्च को पुलिस ने सौरभ की हत्या का खुलासा किया। 3 मार्च की रात को मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या को अंजाम दिया और पति सौरभ के शव को कई टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में सीमेंट के घोल में दबा दिया। हत्याकांड के बाद मुस्कान अपने प्रेमी साहिल के साथ 5 मार्च को शिमाल-मनाली चली गई थी।
17 मार्च को जैसे ही मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल मेरठ वापस लौटे वैसे ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने नीले ड्रम से सौरभ के शव के टुकड़ों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शरीर के कुछ टुकड़ों को सीमेंट से निकालना मुश्किल हो गया था।
सभी सबूत दोनों के खिलाफ
मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के आरोपी साहिल व मृतक की पत्नी मुस्कान और साहिल दोषी है या नहीं इस बात का फैसला आज सुनिश्चित हो जाएगा। बताते चले कि 17 सितंबर को इस मामले में अंतिम बहस पूरी हो चुकी है। सभी सबूतों और मामले से जुड़े मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ लोगों ने मृत्युदंड की मांग भी की है। पुलिस के मुताबिक इस घटना को पूरी तरह से एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया था।
पुलिस ने घटनास्थल से ड्रम के अलावा कुछ दवाइयां, चाकू, कटर, सीमेंट आदि बरामद की थी। जिस जगह से यह सामान खरीदा गया था पुलिस ने उन दुकानदारों को मुख्य गवाह के तौर पर इस मामले में शामिल किया है। हत्याकांड को अंजाम देकर दोनों आरोपी घूमने के लिए जहां भी रूके वहां से जुड़े सबूतों को भी पुलिस ने जुटा लिया है।
शव के साथ की गई क्रूरता
केस में बनाए गए सभी 22 गवाहों ने पुलिस को दिए अपने बयान में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी बताया है। 7 जन्म के रिश्ते का अंत करने के लिए आरोपियों ने चाकू, उस्तरा, बालू, सीमेंट और नीला ड्रम वारदात को अंजाम देने से पहले ही खरीद कर रख लिए थे। पुलिस ने फोसेंसिक टीम के साथ मिलकर मौके पर जांच की। जहां की भयावय स्थिति को देखकर पुलिस के होश उड़ गए।
कमरे में खून के निशान मिलना हत्या का सबसे अहम सबूत था। शव के साथ की कई क्रूरता और बेरहमी से शव को कई टुकड़ों में काटकर सीमेंट से भरे ड्रम में छिपाने तक का पूरा सच पुलिस ने कुछ ही घंटो में खोलकर रख दिया था। क्योंकि इस हत्याकांड में गवाही मुस्कान और साहिल के खिलाफ है.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी पहले पेशी
इस घटना ने मेरठ में ही नहीं देश में हड़कंप मचा दिया था। क्योंकि प्यार से शुरु हुआ रिश्ता शादी के सफर तक पहुंचा। लेकिन एक धोखेबाजी ने एक हसते खेलते परिवार से उनका बेटा छीन लिया। मृतक की मां के दिल से निकलती चीख पुकार ने लोगों के मन में भी आरोपियों के खिलाफ गुस्सा पैदा कर दिया था।
19 मार्च को आरोपी मुस्कान और साहिल को जब कोर्ट में पेशी पर ले जाया जा रहा था, तब गु्स्साए लोगों और वकीलों ने साहिल को पीट दिया। पुलिस ने दोनों को बचाया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों आरोपियों की पेशी हुई। 17 अप्रैल 2026 को दोनों को फिर से पेश किया गया था।
22 गवाहों के बयान किए शामिल
सौरभ हत्याकांड मामले की जांच के दौरान 22 गवाहों के बयान लिए गए हैं। दोनों पक्षों की तरफ से अधिवक्ताओं ने बहस पूरी कर ली है। जिला न्यायालय ने मामले में 30 सितंबर की तारीख तय की थी। इस मामले में डीजीसी कृष्ण कुमार चौबे के मुताबिक गंभीरता को देखते हुए जिला जज ने रोज सुनवाई के आदेश दिए थे। इस पूरे मामले में अभी तक 125 तारीखे सुनवाई के दौरान ली गई हैं।
ऐसे में अब सभी की नजरे इस मामले में फैंसले पर है। साथ ही सवाल है कि क्या कोर्ट की तरफ से मामले में आज अंतिम तारीख होगी या फिर एक बार तारीख पर तारीख तक मामला पहुंचेगा। मामला इतना बड़ा है कि दोनों के खिलाफ अभी भी गुस्सा बना हुआ है। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस मुस्कान रस्तौगी और प्रेमी साहिल शुक्ला को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करने की बात कर रही है। फिलहाल स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही दोनों की पेशी को सामने से या वीसी के जरिए कराई जाएगी इस बात की अभी पुष्टी नहीं हो पाई है।
कम शब्दों में जानिए कब क्या हुआ
24 फरवरी 2025 को मर्चेंट नेवी में तैनात अफसर सौरभ राजूपत लंदन से मेरठ अपने इंदिरा नगर स्थित घर में वापस लौटे।
25 फरवरी 2025 को मुस्कान रस्तोगी का पति सौरभ ने जन्मदिन मनाया।
28 फरवरी 2025 को बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया था।
3 मार्च 2025 को मुस्कान ने पति सौरभ को नींद की दवाई देकर अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर निर्मम तरीके से हत्या कर शव के कई टुकड़े कर दिए थे। हत्या के आरोप से बचने के लिए शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में सीमेंट से भरे घोल में दबा दिए।
4 मार्च 2025 को मुस्कान ने मायके में अपनी बेटी को छोड़ा और साहिल के साथ घूमने निकल गई, जहां उसने पति सौरभ के फोन से परिवार को मैसेज भेजकर गुमराह किया।
17 मार्च 2025 को मुस्कान शिमला से वापस लौटी सो पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
7 मार्च 2025 को इस मामले में 125 पेशियां हुई और 22 गवाहों के बयान लिए गए।
30 सितंबर 2026 यानी आज पूरे 545 दिन बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया और गवाहों के मद्देनजर मेरठ जिला आदालत आज आरोपियों की सजा का ऐलान करेगी। अब देखना यह होगा कि क्या दोनों जेल की सलाखों के पीछे रहेंगे? या दोनों को फांसी की सजा मिलेगी?
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