तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में डीएमके युवा शाखा के सचिव उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेता-राजनेता विजय के मदुरांतकम में दिए गए हालिया भाषण को लेकर उन पर निशाना साधा। उदयनिधि ने दावा किया कि विजय ने करीब आधे घंटे तक तेज आवाज में भाषण दिया और इस दौरान कई बार डीएमके का उल्लेख किया।
उदयनिधि ने गाने पर कसा तंज
उदयनिधि ने विधानसभा की कार्यप्रणाली को लेकर भी टिप्पणी की, उन्होंने कहा कि पहले सदन में विधायक सवाल उठाते थे और संबंधित मंत्री उनका जवाब देते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। उनके मुताबिक, मंत्री सवालों का जवाब देने के बजाय गाने लगते हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को भी जानकारी दी है। उदयनिधि ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष भी गाना शुरू कर दें, तो सदन का माहौल 'सुपर सिंगर' कार्यक्रम जैसा हो जाएगा।
एमके स्टालिन ने भी विजय के बयानों पर उठाए सवाल
इससे पहले डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी मदुरांतकम में विजय के चुनावी भाषण में किए गए दावों पर प्रतिक्रिया दी थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में स्टालिन ने विजय के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने टीवीके को 'शुद्ध ताकत' और डीएमके को 'बुराई की ताकत' बताया था। स्टालिन ने सवाल किया कि यदि टीवीके वास्तव में खुद को ऐसी ताकत मानती है, तो मरगाथम कुमारवेल जैसे नेताओं के पार्टी के साथ आने को विजय किस तरह देखते हैं, उन्होंने दावा किया कि कुमारवेल को एआईएडीएमके से टीवीके में लाकर उम्मीदवार बनाया गया।
स्टालिन ने टीवीके के बीजेपी विरोधी रुख पर उठाया सवाल
स्टालिन ने विजय के उस कथित दावे पर भी सवाल उठाया कि टीवीके के गठन के बाद से पार्टी ने बीजेपी के खिलाफ कितनी बार सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई या विरोध प्रदर्शन किए हैं, उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या एनडीए के विधायकों को चुनावी स्याही का निशान मिटने से पहले ही अपने साथ जोड़ लेना ही विजय के लिए 'शुद्ध ताकत' की परिभाषा है।
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करूर घटना का भी किया जिक्र
एमके स्टालिन ने करूर में हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि कोई भी राजनीतिक नेता अपने कार्यकर्ताओं की मौत नहीं चाहेगा। स्टालिन ने विजय पर राजनीतिक बहस के स्तर को नीचे ले जाने का आरोप लगाया और उनसे अपने बयानों पर आत्ममंथन करने को कहा, उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या विजय के बयान मुख्यमंत्री पद की गरिमा के अनुरूप हैं। तमिलनाडु में मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव प्रस्तावित हैं। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।