Tripura News: प्रधानमंत्री मोदी के विजन 'विकसित भारत 2047' को पूरा करने के लिए त्रिपुरा में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। सीएम डॉ. माणिक साहा ने बीते दिन कई विकास परियोजना का उद्घाटन और शिलान्यास किया। राज्य में जमीनी स्तर पर पीएम लगातार बड़ी परियोजनाओं को गति देते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हाल ही में राज्य की सरकार ने बुनियादी ढांचे और ग्रामीण क्षेत्र को बदलने के लिए 600 करोड़ से ज्यादा की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की है। इसके अलावा गंडाटविसा जैसे सुदूर क्षेत्रों के लिए 239 करोड़ रुपये से ज्यादा के पुनर्विकास पैकेज भी घोषणा की। तो चलिए बताते हैं आपको त्रिपुरा के विजन 2047 को सीएम कैसे देंगे धार?
बुनियादी ढांचे के साथ बेहतर होगी कनेक्टिविटी
सीएम साहा के नेतृत्व में राज्य में परिवहन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करते हुए बढ़ा बदलाव किया जा रहा है। हाईवे और रेलवे में लगातार बदलाव किया जा रहा है। जिसे खास बनाने के लिए सीएम ने राज्य में 6 राष्ट्रीय राजमार्गों को पास किया। जिनका काम शुरू हो चुका है। 7 नए नेशनल हाईवे को मंजूरी मिल चुकी है। राज्य में रेलवे की कनेक्टिविटी को बदलकर ब्रॉड गेज रेल लाइनों का जाल बिछाने की योजना बनाई गई है।
स्मार्ट सिटी और टाउनशिप से मिलेगी अलग पहचान
त्रिपुरा का अगरतला में काफी ज्यादा बदलाव किए जा रहे हैं। जो इसे अलग पहचान दिलाएगा। अगरतला में स्मार्ट सिटी परियोजना के साथ-साथ ड्रेनेज सिस्टम और सड़कों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा धरमनगर, उदयपुर और अगरतला में नई सैटेलाइट टाउनशिप और 19 शहरों के लिए GIS मास्टर प्लान तैयार किए गए हैं। जिनका काम कुछ जगहों पर शुरू हो चुका है। तो कुछ जगहों पर काम की शुरूआत होनी बाकी है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोज़गार में सुधार
अगरतला में 'विकसित भारत -जी राम जी अधिनियम' के समर्थन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार और आजीविका सुनिश्चित की जा रही है। हाल ही में उत्तरी त्रिपुरा में ₹176 करोड़ की लागत से 50 परियोजनाओं की नींव रखी गई है। जो सीधे ग्रामीण क्षेत्रों को सरकारी सेवाओं और सुविधाओं से जोड़ेंगी। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को बड़ा लाभ पहुंचाना है। साथ ही रोजगार के अवसर भी दिखाई देंगे।
सामाजिक कल्याण और जनजातीय उत्थान
सीएम साहा की नीतियां पीएम के "सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत को ध्यान में रखकर पूरा करने पर है। सीएम साहा जनजाति विकास परियोजना के जरिए गरीब और अंत्योदय परिवारों को सीधे 25,000 रूपये की वित्तीय सहायता का लाभ सरकार बनने के बाद से दे रहे हैं।
युवा और अल्पसंख्यक कल्याण के अंतर्गत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सीएम युवा जोगाजोग योजना और डिजी-एसएपीएनई 3.0 जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किए गए हैं। साथ ही अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए ऋण सहायता योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें कुछ बदलाव भी होना संभव है।
निवेश और औद्योगिक विकास में बढ़ोतरी
राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था और बिजनेस समिट के सफल आयोजनों के कारण देश-विदेश के निवेशक त्रिपुरा का रुख कर रहे हैं। 'स्ट्रेटेजिक अप्रोच टू इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट' के तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। कहा जा सकता है कि आने वाले समय में वह दिन दूर नहीं जब त्रिपुरा भी निवेशकों की पसंद बनेगा।
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साल 2047 तक बनेगा विकसित त्रिपुरा
सीएम माणिक साहा केंद्रीय योजनाओं को राज्य स्तर पर 'धार' देते हुए नए आयाम बना रहे हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा की त्रिपुरा अब केवल पूर्वोत्तर का एक सीमावर्ती राज्य नहीं रहा। बल्कि विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल के क्षेत्र में लगातार सुधार करता जा रहा है। लगातार हो रहे सुधार के बाद राज्य साल 2047 तक आत्मनिर्भर और पूर्ण विकसित राज्य बनने की ओर जो कदम बढ़ा चुका है वह अब रूकने नहीं वाले। आने वाले समय त्रिपुरा अपनी अलग पहचान बना पाएगा।
राज्य सरकार कर रही है अथक प्रयास
त्रिपुरा में सीएम माणिक साहा ने बीते दिन भी पीएम मोदी के विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य को विकास को मजबूती दी। उन्होंने राज्य में समान विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। साहा ने उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर में नवनिर्मित जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर कार्यालय का उद्घाटन करते।
सीएम ने वर्चुअली 176 करोड़ रुपये की 50 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री द्वारा 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास कर रही है।
जनता से किए वादे हकीकत में तब्दील
परियोजनाओं को लेकर सीएम ने कहा कि जन कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पहली प्राथमिकता है। उत्तरी त्रिपुरा के साथ-साथ पूरे राज्य के लोगों को विकास पहल का पूरा-पूरा लाभ मिल रहा है। इन परियोजनाओं के जरिए जनता से किए वादे सरकार हकीकत में तब्दील कर रही है। राज्य के कई कोने में विकास कार्यों का लाभ उत्तरी त्रिपुरा में रहने वाली जनता को मिल रहा है। सरकार वादों के बजाय कार्रवाई को करने पर विश्वास रखती है। संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए त्रिपुरा भर में विकास की पहल की जा रही हैं।
उद्घाटन और शिलान्यास से उत्तरी त्रिपुरा में विकास संभव
सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार राज्य के विकास के लिए काम कर रही है। न केवल उत्तरी त्रिपुरा बल्कि हर कोने में समान विकास सुनिश्चित किया जाएगा। चालू वर्ष में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। कई परियोजनाओं की नींव रखी गई है। नए जिला कार्यालय के साथ-साथ 176 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास से उत्तरी त्रिपुरा में विकास की संभावनाएं मजबूत होंगी।
सबका साथ सबका विकास, सबका प्रयास
राज्य सरकार प्रधानमंत्री के विजन 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के सिद्धांतों के तहत काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य बुनियादी ढांचे के विकास से परे नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना और यह सुनिश्चित करना है कि पात्र लाभार्थियों को सार्वजनिक कल्याण योजनाओं का लाभ मिले।
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